उन्होंने कहा कि चीनी मांझे से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और अनेक लोग घायल हुए हैं। इसे रोकना बेहद जरूरी था। सरकार का यह फैसला कठोर, निर्णायक और जनहित में है। इसका असर न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में देखने को मिलेगा।
मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सिख समुदाय के लोग देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं और माफी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी सार्वजनिक और महत्वपूर्ण स्थान पर किसी व्यक्ति या समुदाय का अपमान करने का किसी को अधिकार नहीं है।
उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड को खत्म करने के फैसले पर मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा साफ है। सरकार चाहती है कि मदरसे में पढ़कर निकलने वाले बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर और अधिकारी बनें और देश के निर्माण में योगदान दें। अल्पसंख्यक बोर्ड को भी सार्थक काम मिले, इसी सोच के तहत यह फैसला लिया गया है। उन्होंने इसे एक अच्छा और स्वागतयोग्य कदम बताया।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए अनिल राजभर ने कहा कि सपा लगातार गलत बयानबाजी कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने चुनाव आयोग पर हमला करने और उसे कटघरे में खड़ा करने को अपनी रणनीति बना ली है। चुनाव आयोग ने जो अधिकार भारतीय जनता पार्टी को दिए हैं, वही अधिकार समाजवादी पार्टी, अन्य राजनीतिक दलों और आम जनता को भी दिए हैं।
राजभर ने एसआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि जिसकी उम्र 18 साल पूरी हो जाती है, उसका नाम मतदाता सूची में आना चाहिए। इसके लिए फॉर्म-7 जैसी वैधानिक प्रक्रिया मौजूद है।
अबोध बालक बयान पर त्रिवेदी बोले, ज्ञान की सीमा नहीं होती!



