भाजपा सांसद का यह तंज उस वक्त आया है, जब राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके मुद्दों के सामने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री अमित शाह सदन में उनके सामने खड़े नहीं हो सकते।
नई दिल्ली में मंगलवार को प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा सांसद ने दावा किया और राहुल गांधी को चुनौती दी है कि गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं, इसीलिए सदन छोड़कर आप न भागे।
उन्होंने कहा कि जिनका इतिहास ही सदन छोड़ने का है उन्हें दूसरों पर उंगली नहीं उठानी चाहिए। राहुल गांधी को डरना नहीं चाहिए बल्कि सदन में गृहमंत्री का जवाब सुनना चाहिए।
रांची में छात्रों के आंदोलन का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि रांची में अनुशासित, मर्यादित छात्र जो पूर्णतः गैर राजनीतिक, सामान्य, समुचित मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ जो व्यवहार हो रहा है वह अनुचित है।
उन्होंने विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब खड़गे जैसे सीनियर नेताओं ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता का पद संभाला और इससे पहले जब अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में विपक्ष के नेता थे, तब भी ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी गई।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि संसद का मानसून सत्र अपने आखिरी दौर में है। इस सत्र के बाद भारत अपनी आजादी के 80वें साल में प्रवेश करेगा। हालांकि इस सत्र के दौरान सदन में जो कुछ भी हो रहा है, वह निश्चित रूप से लोकतंत्र के लिए एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है।
फिर सुधांशु त्रिवेदी ने मांग की कि गृह मंत्री सदन में आएं और बयान दें। उस मांग को भी मान लिया गया। अब जब गृह मंत्री सदन में आकर जवाब देने के लिए तैयार हैं, तो वे संसद को काम क्यों नहीं करने दे रहे हैं।
इससे पूर्व भी सदन में ऐसे कई अवसर रहे हैं, जब किसी विधेयक पर अंतिम जवाब दिया जाता है तो कांग्रेस पार्टी भाग खड़ी होती है। अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी का जवाब नहीं सुना, भाग खड़े हुए। मणिपुर पर पीएम मोदी का जवाब नहीं सुना, भाग खड़े हुए। अब मैं राहुल गांधी से कहना चाहता हूं, गृह मंत्री सदन में आकर बिंदुवार जवाब देने को तैयार हैं, आप सदन से भागिए मत।
