महाराष्ट्र की राजनीति में आज बड़ा और चर्चित घटनाक्रम देखने को मिला। सुनेत्रा पवार ने राज्य की नई उपमुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के वरिष्ठ मंत्री, महायुति के प्रमुख नेता और बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान और उसके बाद राजभवन परिसर के बाहर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बनने के साथ ही कार्यकर्ताओं ने “अजित पवार अमर रहे” के नारे लगाए। नारों से साफ संकेत मिला कि इस राजनीतिक घटनाक्रम को अजित पवार के कद और प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। समर्थकों ने इसे अजित पवार की रणनीतिक और राजनीतिक जीत के रूप में प्रचारित किया।
सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने को महाराष्ट्र की सत्ता राजनीति में अहम मोड़ माना जा रहा है। लंबे समय से उनके नाम को लेकर कयास लगाए जा रहे थे, जिन पर अब औपचारिक मुहर लग गई है। माना जा रहा है कि इस फैसले से सरकार के भीतर संतुलन साधने के साथ-साथ संगठन को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, आने वाले चुनावी समीकरणों में इसका असर देखने को मिल सकता है।
शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार ने कहा कि वह संविधान के प्रति पूरी निष्ठा रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता विकास, कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता को मजबूत करना होगी। उन्होंने जनता के विश्वास पर खरा उतरने का भरोसा भी दिलाया।
वहीं, विपक्ष ने इस नियुक्ति को लेकर अनुभव और परिवारवाद जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, सत्तापक्ष का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक स्थिरता और प्रभावी प्रशासन की दिशा में उठाया गया कदम है। अब सबकी नजर इस पर टिकी है कि उपमुख्यमंत्री के रूप में सुनेत्रा पवार किस तरह अपनी भूमिका निभाती हैं और महाराष्ट्र की राजनीति को आगे कैसे प्रभावित करती हैं।
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