26 C
Mumbai
Sunday, February 15, 2026
होमदेश दुनियासुप्रीम कोर्ट के जज ने अपनी खींची हुई 'वह' तस्वीर दिखाते हुए...

सुप्रीम कोर्ट के जज ने अपनी खींची हुई ‘वह’ तस्वीर दिखाते हुए अफसोस जताया​ !

यह वह भारत है जिसमें हम रहते हैं। हमें इन लोगों तक पहुंचने की जरूरत है।”

Google News Follow

Related

भारत में महिला सशक्तिकरण और महिला अधिकारों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अक्सर सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा होती रहती है। वहीं, देश की न्यायपालिका के सामने महिला अधिकारों से जुड़े कई मामले सुनवाई के लिए आ रहे हैं।​ सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल ने इस तथ्य पर प्रकाश डाला है कि इतने समय में भी कई महिलाओं की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। एक भाषण के दौरान उन्होंने अपनी खींची हुई एक तस्वीर दिखाई और महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी की​|​

जस्टिस संजय करोल शनिवार को पहले इंटरनेशनल सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड लीगल कॉन्फ्रेंस यानी SCAORA में अपना पक्ष रख रहे थे|इस मौके पर उन्होंने दर्शकों को 2023 में अपने द्वारा खींची गई एक तस्वीर दिखाई|ये तस्वीर एक गांव में घर के बाहर बैठी महिला की है|इस फोटो में एक महिला टेंट के नीचे बैठी नजर आ रही है|

न्यायाधीश संजय करोल ने इस बारे में कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की कि यह तस्वीर वास्तव में कहाँ ली गई थी। लेकिन इस फोटो के जरिए उन्होंने बिहार और त्रिपुरा के सुदूर इलाकों में महिलाओं की स्थिति पर टिप्पणी की| इस संबंध में बार एंड बेंच ने एक रिपोर्ट दी है|

“हमें इन लोगों तक पहुंचने की ज़रूरत है”: न्यायाधीश संजय करोल ने इस समय कहा “मैंने यह तस्वीर एक सुदूर गांव में ली थी। ये फोटो एक महिला की है| इस महिला को मासिक धर्म के उन पांच दिनों के दौरान अपने ही घर में प्रवेश करने की मनाही थी। उस दौरान महिलाओं को शारीरिक बदलावों का सामना करना पड़ता है। यह वह भारत है जिसमें हम रहते हैं। हमें इन लोगों तक पहुंचने की जरूरत है।”

इस फोटो को दिखाते हुए जस्टिस संजय करोल ने सामाजिक न्याय और महिला अधिकारों पर स्पष्ट रुख अपनाया| इस मौके पर उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के मामले में कोर्ट द्वारा अपनाए गए कड़े रुख के उदाहरणों का जिक्र किया|उन्होंने कहा, ”ये ऐसे लोगों के उदाहरण हैं, जो न्यायपालिका तक पहुंचने में सफल रहे| जो सुशिक्षित थे और मुख्यतः शहरों में रहते थे, लेकिन भारत दिल्ली नहीं है| भारत मुंबई नहीं है| उन्होंने कहा न्यायपालिका के सदस्यों के रूप में, हम भारत के संविधान के संरक्षक हैं। हमें उन लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी जो यह भी नहीं जानते कि न्याय क्या है।”

यह भी पढ़ें-

​जम्मू-कश्मीर: कश्मीर में आतंकी हमले ​को​ लेकर फारूक अब्दुल्ला​ का पाकिस्तान को दी चेतावनी​!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,205फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
292,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें