28 C
Mumbai
Wednesday, August 19, 2026
होमदेश दुनियाकावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगी ताजा स्टेटस रिपोर्ट, सुनवाई...

कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगी ताजा स्टेटस रिपोर्ट, सुनवाई अगले सप्ताह!

तमिलनाडु सराकर ने कर्नाटक पर कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।

Google News Follow

Related

सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारे को लेकर हुए विवाद पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद करने का फैसला किया है। अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले पर ताजा आंकड़ों के साथ स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। याचिका में तमिलनाडु सरकार और डीएमके ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक द्वारा तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी तुरंत छोड़ने का निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि कम मानसून और बारिश की कमी के कारण तमिलनाडु को अपने हिस्से का पूरा पानी नहीं मिल रहा है। तमिलनाडु सराकर ने कर्नाटक पर कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है।

सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने कर्नाटक पर सिंचाई के लिए पानी छोड़ने के बावजूद राज्य को पानी नहीं मिलने का आरोप लगाया जबकि कर्नाटक सरकार की ओर से कहा गया कि उसके बारे में तस्वीर सही नहीं पेश की जा रही है। तमिलनाडु सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है लेकिन तमिलनाडु को अभी तक पानी नहीं मिला है।

कर्नाटक सरकार की ओर से दलील दी गई कि राज्य की स्थिति को सही तरीके से पेश नहीं किया जा रहा है। कावेरी बेसिन में गंभीर जल संकट है और पानी की भारी कमी बनी हुई है।

कर्नाटक सरकार के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि बुधवार सुबह तक पानी की सप्लाई 12,000 क्यूसेक से ज्यादा हो चुकी है। इसके साथ ही कोर्ट को भरोसा दिलाया कि यह सप्लाई जारी रहेगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों से कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को भी कहा है।

इसके पहले कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था, “तमिलनाडु के लिए 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश आया है। मैं लगातार हमारे जलाशयों में पानी के बहाव पर नजर रख रहा हूं।

हम बांधों में पानी की उपलब्धता के आधार पर फैसला लेंगे। पानी छोड़ने के आदेश को लेकर किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे धैर्य रखें और शांति बनाए रखें।” सरकार कोर्ट के आदेशों का सम्मान करेगी और साथ ही कर्नाटक के किसानों की फसलों की रक्षा के लिए हरसंभव कोशिश करेगी।
यह भी पढ़ें-
National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

150,668फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
328,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें