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Friday, July 24, 2026
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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर बोलीं, आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार है : सुप्रिया सुले!

इसके साथ ही, उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन (डीलिमिटेशन) और पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री शिंदे से हुई मुलाकात पर भी प्रतिक्रिया दी।

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सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और हालिया घटनाक्रम पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने का अधिकार है। यह बेहद दुखद है कि एक शांतिपूर्ण आंदोलन में इस तरह का घटनाक्रम सामने आया।
इसके साथ ही, उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन (डीलिमिटेशन) और पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री शिंदे से हुई मुलाकात पर भी प्रतिक्रिया दी।

सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और हालिया घटनाक्रम पर सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि उनकी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता अनीस गवांडे दिल्ली में मौजूद हैं तथा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यह बेहद दुखद है कि जो आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, उसमें इस तरह का घटनाक्रम सामने आया।

मैं खुद आंदोलन स्थल पर गई थी और वहां की स्थिति देखी थी। एक सशक्त लोकतंत्र में हर व्यक्ति को आंदोलन करने का अधिकार है। सोनम वांगचुक पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन चला रहे थे। जिस तरह से उन्हें वहां से ले जाया गया, वह संविधान के खिलाफ है।

प्रस्तावित डीलिमिटेशन (परिसीमन) बिल पर सुप्रिया सुले ने कहा कि अभी तक सरकार की ओर से डीलिमिटेशन का बिल ही नहीं आया है। जब बिल ही नहीं आया, प्रस्ताव ही नहीं है, तो बिना उसे देखे कैसे कुछ कहा जा सकता है? पहले सरकार बिल लाए, फिर उसे पढ़ने के बाद हम अपनी विस्तृत राय देंगे।

महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े सवाल पर भी उन्होंने यही रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अभी इस विषय में कोई स्पष्टता नहीं है और जब तक विधेयक सामने नहीं आता, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।

एनसीपी-एसपी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से हुई मुलाकात को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर भी सुप्रिया सुले ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात में कुछ भी गोपनीय नहीं था।

उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अगर मुलाकात चोरी-छिपे होती तो क्या वह खुद उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा करते। उन्होंने मुलाकात की फोटो खुद डाली है। यह पूरी तरह आधिकारिक मुलाकात थी और खुलेआम हुई थी। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।

सुप्रिया सुले ने आगे कहा कि उनकी पार्टी के नेता हमेशा पारदर्शिता के साथ काम करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में वह स्वयं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिली थीं और वह मुलाकात भी पूरी तरह सार्वजनिक थी। हम लोग फ्रंट डोर से जाते हैं, पीछे के रास्ते वाले लोग नहीं हैं। जो भी मुलाकात होती है, वह खुले तौर पर होती है।

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