तेजस्वी यादव के फर्जी वोटर आईडी विवाद पर भाजपा का हमला!

कहा- 'विपक्ष पप्पुओं का गठबंधन'

तेजस्वी यादव के फर्जी वोटर आईडी विवाद पर भाजपा का हमला!

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राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एक नए विवाद में फंस गए हैं। हाल ही में उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कथित रूप से अपनी वोटर आईडी (ईपीआईसी नंबर) दिखाया, जिसके बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है और दावा किया है कि तेजस्वी द्वारा दिखाया गया ईपीआईसी नंबर फर्जी है। भाजपा ने इसे “लोकतंत्र के साथ धोखा” करार दिया है।

भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए लिखा, “मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि तेजस्वी यादव ने एक बार खुद की तुलना स्टीव जॉब्स से की थी, और अब उनके हाथ में कई तस्वीरें होने का खुलासा हो गया है। फर्जी तुलनाओं से लेकर फर्जी वोटर आईडी तक, यह पाखंड बेहद चौंकाने वाला है।” उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष सिर्फ पार्टियों का नहीं, बल्कि ‘पप्पुओं’ का गठबंधन बन गया है।

भाजपा की बिहार इकाई ने भी तेजस्वी यादव का वीडियो और निर्वाचन सूची में दर्ज उनका नाम साझा किया। पार्टी ने लिखा, “तेजस्वी यादव का दो ईपीआईसी नंबर वाला खेल, ये मजाक नहीं, लोकतंत्र के साथ धोखा है। अब साफ है, फर्जीवाड़ा राजद की राजनीति की रगों में दौड़ता है।”

भाजपा ने खुलासा कर बताया था की विधानसभा चुनाव 2020 में तेजस्वी यादव का ईपीआईसी नंबर ‘RAB0456228’ था और 2025 की प्रारंभिक मतदाता सूची में भी वही नंबर दर्ज है। जबकि हाल ही में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जो नंबर दिखाया, वह ‘RAB2916120’ है, जिसे भाजपा ने फर्जी बताया है और कहा है कि यह गंभीर चुनावी अपराध की श्रेणी में आता है।

पार्टी ने सवाल उठाया है कि क्या तेजस्वी यादव का नाम दो अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज है? अगर ऐसा है, तो यह स्पष्ट रूप से निर्वाचन कानूनों का उल्लंघन है। भाजपा ने यह भी आरोप लगाया कि “बोगस वोटिंग, बूथ कैप्चरिंग और बैलेट लूटना राजद की राजनीति का हिस्सा रहा है, और तेजस्वी यादव उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।” भाजपा ने अपने आरोपों के समर्थन में तेजस्वी यादव की 2020 और 2025 की वोटर लिस्ट की स्लिप की तस्वीरें भी सार्वजनिक की हैं।

उल्लेखनीय है कि तेजस्वी यादव ने हाल ही में दावा किया था कि वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है, और उन्होंने एप्लिकेशन नंबर का हवाला देते हुए सवाल किया था कि जब नाम नहीं है तो चुनाव कैसे लड़ूंगा? हालांकि कुछ देर बाद ही चुनाव आयोग ने उनकी बात को खारिज करते हुए तेजस्वी की फोटो और ईपीआईसी नंबर के साथ उनका नाम सूची में मौजूद बताया।

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