केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुधवार को वस्त्र राज्य मंत्री और वस्त्र मंत्रालय के सचिव के साथ मिलकर वस्त्र और परिधान उद्योग के प्रमुख हितधारकों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अमेरिका द्वारा हाल ही में घोषित रेसिप्रोकल टैरिफ सहित उभरते वैश्विक व्यापार की स्थिति की समीक्षा की गई।
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से इस बैठक को लेकर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “वस्त्र और परिधान उद्योग के प्रमुख हितधारकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र आपदा में भी अवसर का नारा लगाते हुए जोश से कहा है कि हमें किसी तरह की कोई तकलीफ नहीं है।
उन्होंने बताया कि भारत ने सहयोगी देशों के साथ 15 मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनकी संयुक्त वस्त्र आयात मांग 198.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। इसके अलावा, निर्यातकों से यूरोपीय संघ के बाजारों में सक्रिय रूप से संभावनाएं तलाशने का आग्रह किया गया है, जो कि सामूहिक रूप से 268.8 बिलियन अमरीकी डॉलर मूल्य के वस्त्र आयात करता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को लेकर उन्होंने भरोसा जताया कि समझौते पर बातचीत चल रही है।
बीते दिन हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि अपनी निहित शक्तियों, उद्योग-सरकार के बीच मजबूत सहयोग और इनोवेशन पर निरंतर ध्यान के साथ, भारत का वस्त्र क्षेत्र वैश्विक बाजार में निरंतर विकास के लिए वर्तमान चुनौतियों का समाधान निकालने और आगे बढ़ने के लिए अच्छी स्थिति में है।
मंत्रालय ने भारत के व्यापार हितों की रक्षा करने और ऐसी नीतियों को विकसित करने के लिए उद्योग निकायों के साथ निरंतर सहयोग करने का वचन दिया, जो बढ़ी हुई टैरिफ व्यवस्था के असर को प्रभावी ढंग से कम कर सकें।
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