भाजपा के अनुसार, मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी कलह और गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक (पूर्व मंत्री) ने 26-27 दिसंबर 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इस्तीफे का मुख्य कारण टैलेंट हंट कार्यक्रम (पार्टी के नए प्रवक्ताओं के चयन) को लेकर अभय तिवारी (मीडिया विभाग के महासचिव/इंचार्ज, कमलनाथ गुट से जुड़े माने जाते हैं) के साथ विवाद बताया जा रहा है।
23 दिसंबर को मुकेश नायक ने 13 सदस्यीय समिति गठित की थी, जिसमें अभय तिवारी को कोऑर्डिनेटर बनाया गया था। लेकिन, अभय तिवारी ने इसे अधिकृत नहीं मानते हुए रद्द कर दिया और कहा कि ऐसी समिति बनाने का अधिकार केवल सक्षम प्राधिकारी को है। इससे नाराज होकर मुकेश नायक ने इस्तीफा दे दिया और कहा कि नए लोगों को मौका देने के लिए वे पीछे हट रहे हैं।
हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुकेश नायक का इस्तीफा अस्वीकार कर दिया है और उन्हें पद पर बने रहने का निर्देश दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह घटना कमलनाथ और अन्य गुटों के बीच चल रही खींचतान का नया उदाहरण है, जिसमें संगठन में समन्वय की कमी साफ दिख रही है।
कांग्रेस के अंदर हो रहे सियासी खींचतान को लेकर भाजपा हमलावर है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा था कि कांग्रेस बनाम कांग्रेस चरम पर पहुंच चुका है।
