कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद ने दावा किया है कि राहुल गांधी को “डरपोक” और “असुरक्षित” नेता कहने के बाद उनके आवास पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किए जाने की आशंका है। नवंबर 2025 में कांग्रेस छोड़ चुके अहमद ने कहा कि उन्हें विश्वसनीय जानकारी मिली है कि पार्टी नेतृत्व ने बिहार कांग्रेस और यूथ कांग्रेस को उनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शकील अहमद ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कांग्रेस के कुछ पुराने सहयोगियों ने उन्हें गुप्त रूप से जानकारी दी है कि 27 जनवरी को पटना और मधुबनी स्थित उनके आवासों पर पुतला दहन के बहाने हमला किया जा सकता है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ बताया। अहमद ने आगे एक व्हाट्सएप ग्रुप संदेश का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर शकील अहमद का पुतला जलाने की अपील की गई थी।
बिहार प्रदेश यूथ कांग्रेस (BYPC) के एक ग्रुप में भेजे गए संदेश में लिखा गया, “पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद लगातार हमारे सम्मानित नेता राहुल गांधी के खिलाफ निराधार आरोप लगा रहे हैं। वरिष्ठ नेतृत्व ने सभी जिला और विधानसभा प्रभारियों को निर्देश दिया है कि 27 जनवरी को अपने-अपने क्षेत्रों में शकील अहमद का पुतला दहन कर कड़ा विरोध दर्ज कराएं।” संदेश में यह भी कहा गया कि इस कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और समाचार कतरनें संबंधित जोनल प्रभारी को भेजी जाएं।
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अहमद ने कहा कि इससे उनकी जानकारी सही साबित होती है और सवाल उठाया कि क्या यह सब राहुल गांधी के निर्देशों के बिना हो रहा है। शकील अहमद बिहार से तीन बार विधायक और दो बार सांसद रह चुके हैं। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस छोड़ते हुए कहा था कि उन्हें पार्टी में अपमानित महसूस कराया गया।
24 जनवरी को दिए गए एक बयान में अहमद ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा था, “राहुल गांधी एक डरपोक और असुरक्षित व्यक्ति हैं। वह उन नेताओं के सामने सहज नहीं रहते जो उनसे वरिष्ठ हैं या जिनका जनाधार मजबूत है। इसी कारण वह तानाशाही और अलोकतांत्रिक रवैया अपनाते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी जैसी पारंपरिक सीट हारने के पीछे भी राहुल गांधी का रवैया जिम्मेदार रहा।
अहमद ने कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में राहुल गांधी की बात ही अंतिम मानी जाती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई वरिष्ठ नेता असंतुष्ट हैं, लेकिन अगली पीढ़ी के राजनीतिक भविष्य के कारण चुप रहते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह शशि थरूर को वोट देना चाहते थे, लेकिन दबाव के चलते मल्लिकार्जुन खड़गे को वोट दिया।
अब तो मेरी जानकारी बिल्कुल सही साबित हुई। काँग्रेस के पुराने साथियों का बहुत धन्यवाद।
हमारे बिहार में एक कहावत कि
पुराने दोस्त ही काम आते हैं।
क्या यह राहुल जी के आदेश के बिना हो रहा है? pic.twitter.com/qtgBCemfH4— Dr Shakeel Ahmad (@Ahmad_Shakeel) January 26, 2026
NDTV को 25 जनवरी को दिए एक साक्षात्कार में अहमद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी जमीनी स्तर पर लोकप्रिय और अनुभवी नेताओं से खुद को खतरा महसूस करते हैं और पार्टी में एक सीमित गुट के साथ ही काम करते हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस ने राहुल गांधी को पूरी तरह स्वीकार किया, लेकिन राहुल गांधी ने पार्टी को उसी भावना से नहीं अपनाया। शकील अहमद के इन आरोपों और संभावित हमले की आशंका ने बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
यह भी पढ़ें:
तेलंगाना: ‘चुनावी वादों’ को पूरा करने के लिए १००० से ज्यादा आवारा कुत्तों को उतारा मौत के घाट!
“यूरोपीय संघ अमेरिका के बिना अपनी रक्षा नहीं कर सकता”
भारत-EU व्यापार समझौता ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’, दोनों पक्षों के लिए खोलेगा बड़े अवसर: पीएम मोदी
