पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि यूरोपीय संघ इस संकट पर चर्चा के लिए विशेष बैठक सोमवार (2 मार्च) को बुलाएगा, जिस पर सोशल मीडिया पर उन पर मीम के जरिए आलोचनाओं की बौछार हो रही है।
सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि जब सप्ताहांत में हालात चरम पर पहुंच गए, तब यूरोपीय संघ तत्काल बैठक बुलाने के बजाय सोमवार (2 मार्च)तक इंतजार क्यों कर रहा है। नेटिज़न्स ने तंज कसते हुए लिखा,“जब तीसरा विश्व युद्ध लाइव चल रहा है, यूरोप कह रहा है—युद्ध सोमवार से शुरू होगा।”
World War 3 happening live
Europeans: “The war starts on Monday” pic.twitter.com/ZjwFNpYSiv
— Denys Khomyn (@denys_khomyn) February 28, 2026
वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर ट्वीट कर कहा, ” ईरान में चल रहे हालात को देखते हुए, मैं सोमवार को एक खास सिक्योरिटी कॉलेज बुला रहीं हूँ। क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए, यह बहुत ज़रूरी है कि ईरान के क्षेत्र में भागीदारों पर गलत हमलों से और न बढ़े।”
Following the ongoing situation in Iran, I am convening a special Security College on Monday.
For regional security and stability, it is of the utmost importance that there is no further escalation through Iran’s unjustified attacks on partners in the region.
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) February 28, 2026
ईयू की कूटनीतिक सक्रियता
यूरोपीय संघ पश्चिम एशिया की स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है। ईयू की विदेश नीति प्रमुख क़ज़ा कलास ने एक्स पर स्थिति को बेहद खतरनाक बताया। वहीं, यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेटसोला ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
हालांकि, सदस्य देशों के स्तर पर ईयू का रुख पूरी तरह एकजुट नजर नहीं आया। फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में शामिल नहीं थे। साथ ही उन्होंने ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा करते हुए तेहरान से “वार्ता आधारित समाधान” अपनाने का आग्रह किया।
ब्रिटेन और अन्य देशों का रुख
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टारमेर ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम ने हमलों में कोई भूमिका नहीं निभाई, लेकिन ईरान के अस्वीकार्य शासन की आलोचना की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिटिश विमान क्षेत्रीय रक्षा समन्वय अभियान के तहत पहले से हवा में मौजूद थे।
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने अमेरिकी-इजरायली कार्रवाई को एकतरफा सैन्य कदम करार देते हुए कहा कि इससे वैश्विक व्यवस्था और अधिक शत्रुतापूर्ण हो सकती है। इसके विपरीत, चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीज ने कहा कि प्राग अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं तथा आतंकवाद को समर्थन यूरोप के लिए खतरा हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते टकराव के बीच यूरोप का सामूहिक रुख संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, बैठक की समय-सारणी को लेकर उठे सवाल यह संकेत देते हैं कि संकट की घड़ी में यूरोपीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया की गति भी अब सार्वजनिक जांच के दायरे में है। स्थिति पर वैश्विक नजरें टिकी हैं और कूटनीतिक प्रयासों की सफलता आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।
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