सोमवार को यूरोपीय यूनियन की सुरक्षा बैठक बुलाने पर सोशल मीडिया में घिरी उर्सुला वॉन डेर लेयेन

सोमवार को यूरोपीय यूनियन की सुरक्षा बैठक बुलाने पर सोशल मीडिया में घिरी उर्सुला वॉन डेर लेयेन

Ursula von der Leyen faces backlash on social media for calling an EU security meeting on Monday.

पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को  आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने घोषणा की कि यूरोपीय संघ इस संकट पर चर्चा के लिए विशेष बैठक सोमवार (2 मार्च) को बुलाएगा, जिस पर सोशल मीडिया पर उन पर मीम के जरिए आलोचनाओं की बौछार हो रही है।

सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने सवाल उठाया कि जब सप्ताहांत में हालात चरम पर पहुंच गए, तब यूरोपीय संघ तत्काल बैठक बुलाने के बजाय सोमवार (2 मार्च)तक इंतजार क्यों कर रहा है। नेटिज़न्स ने तंज कसते हुए लिखा,“जब तीसरा विश्व युद्ध लाइव चल रहा है, यूरोप कह रहा है—युद्ध सोमवार से शुरू होगा।”

वॉन डेर लेयेन ने एक्स पर ट्वीट कर कहा, ” ईरान में चल रहे हालात को देखते हुए, मैं सोमवार को एक खास सिक्योरिटी कॉलेज बुला रहीं हूँ। क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए, यह बहुत ज़रूरी है कि ईरान के क्षेत्र में भागीदारों पर गलत हमलों से और न बढ़े।”

ईयू की कूटनीतिक सक्रियता

यूरोपीय संघ पश्चिम एशिया की स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है। ईयू की विदेश नीति प्रमुख क़ज़ा कलास ने एक्स पर स्थिति को बेहद खतरनाक बताया। वहीं, यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेटसोला ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की।

हालांकि, सदस्य देशों के स्तर पर ईयू का रुख पूरी तरह एकजुट नजर नहीं आया। फ्रांस, जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम ने एक संयुक्त बयान में कहा कि वे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में शामिल नहीं थे। साथ ही उन्होंने ईरान की जवाबी कार्रवाई की निंदा करते हुए तेहरान से “वार्ता आधारित समाधान” अपनाने का आग्रह किया।

ब्रिटेन और अन्य देशों का रुख

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केयर स्टारमेर ने कहा कि यूनाइटेड किंगडम ने हमलों में कोई भूमिका नहीं निभाई, लेकिन ईरान के  अस्वीकार्य शासन की आलोचना की। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ब्रिटिश विमान क्षेत्रीय रक्षा समन्वय अभियान के तहत पहले से हवा में मौजूद थे।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने अमेरिकी-इजरायली कार्रवाई को एकतरफा सैन्य कदम करार देते हुए कहा कि इससे वैश्विक व्यवस्था और अधिक शत्रुतापूर्ण हो सकती है। इसके विपरीत, चेक गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीज ने कहा कि प्राग अपने सहयोगियों के साथ खड़ा है और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं तथा आतंकवाद को समर्थन यूरोप के लिए खतरा हैं।

पश्चिम एशिया में बढ़ते टकराव के बीच यूरोप का सामूहिक रुख संतुलन साधने की कोशिश कर रहा है।  हालांकि, बैठक की समय-सारणी को लेकर उठे सवाल यह संकेत देते हैं कि संकट की घड़ी में यूरोपीय नेतृत्व की प्रतिक्रिया की गति भी अब सार्वजनिक जांच के दायरे में है। स्थिति पर वैश्विक नजरें टिकी हैं और कूटनीतिक प्रयासों की सफलता आने वाले दिनों में स्पष्ट होगी।

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