ईरान के साथ बढ़ता युद्ध इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए घरेलू राजनीति में फायदा पहुंचा सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इज़राइल की छवि और कूटनीतिक स्थिति को नुकसान पहुंचा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से इज़राइल के अंदर राष्ट्रीय एकजुटता बढ़ती है और नेतन्याहू की सुरक्षा नेता वाली छवि मजबूत होती है। खासकर 7 अक्टूबर के हमलों के बाद उनकी प्रतिष्ठा को जो झटका लगा था, उसे इस तरह के सैन्य अभियान से कुछ हद तक सुधारा जा सकता है।
हालांकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति अलग है। गाजा युद्ध और क्षेत्रीय संघर्षों के कारण पहले से ही इज़राइल को कई देशों और संगठनों की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। ईरान के साथ सीधा युद्ध बढ़ने से कूटनीतिक दबाव, प्रतिबंधों और वैश्विक आलोचना का खतरा भी बढ़ सकता है।
इस संघर्ष ने पूरे मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ा दिया है और कई देशों ने संयम बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है या इज़राइल को भारी नुकसान होता है, तो घरेलू समर्थन भी कमजोर पड़ सकता है।
यानी कुल मिलाकर ईरान के साथ युद्ध नेतन्याहू को घरेलू राजनीति में राजनीतिक राहत दे सकता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर इज़राइल के लिए नई कूटनीतिक चुनौतियां भी खड़ी कर सकता है।
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