29.2 C
Mumbai
Friday, July 10, 2026
होमदेश दुनियाराम मंदिर की व्यवस्था वही संभाले जो भगवान राम के प्रति पूर्ण...

राम मंदिर की व्यवस्था वही संभाले जो भगवान राम के प्रति पूर्ण समर्पित हो : सुरेंद्र जैन!

उन्होंने कहा कि राम मंदिर की व्यवस्था वही संभाल सकता है जो राम के प्रति समर्पित हो। उम्मीद है कि सर्च कमेटी द्वारा एक सही और योग्य व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया जाएगा।

Google News Follow

Related

विहिप के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने राम मंदिर ट्रस्ट सीईओ के लिए राम भक्त होना अनिवार्य किए जाने पर कहा कि सर्च कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है और उनकी यह पहल स्वागत योग्य है। राम मंदिर ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए प्रशासनिक योग्यताओं के अलावा, भगवान राम के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण होना सबसे आवश्यक और अनिवार्य पात्रता है।

उन्होंने कहा कि राम मंदिर की व्यवस्था वही संभाल सकता है जो राम के प्रति समर्पित हो। उम्मीद है कि सर्च कमेटी द्वारा एक सही और योग्य व्यक्ति को इस पद पर नियुक्त किया जाएगा।

वीआईपी पास जारी करने के अधिकार में बदलाव को लेकर सुरेंद्र जैन ने कहा कि चंपत राय और अन्य लोगों के पास से वीआईपी पास बनाने की आईडी ब्लॉक होना एक सामान्य और प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

राम जन्मभूमि में पास के लिए किसी भी तरह के पैसों का लेनदेन नहीं होता था। आयु, शारीरिक असमर्थता या अन्य विशेष कारणों से ही ये पास जारी किए जाते थे। पास जारी करने का अधिकार केवल संबंधित पदाधिकारियों के पास ही होता था। चूंकि अब वे पदाधिकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से यह जिम्मेदारी किसी अन्य व्यक्ति को सौंप दी गई है।

वहीं, विपक्ष द्वारा लगातार राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आ चुकी है और अंतिम रिपोर्ट भी जल्द ही आने की उम्मीद है। अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी भी तरह की टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कहने के लिए कुछ है या कोई आरोप हैं, तो उन्हें जांच एजेंसी या सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए, क्योंकि यह मामला अभी कोर्ट के विचाराधीन है। कोर्ट या एजेंसी के सामने बात रखने से ही आरोपों की गंभीरता मानी जाएगी, अन्यथा देश इन पर विश्वास नहीं करेगा।

इस बीच 10 और 12 जुलाई को होने वाली संघ (आरएसएस) की बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि एक आंतरिक बैठक होती है, जिसका एजेंडा आमतौर पर सार्वजनिक नहीं किया जाता। हालांकि, जन्मभूमि का मुद्दा बड़ा होने और संघ का इसमें बड़ा सहयोग रहने के कारण, इस विषय पर कुछ चर्चा होना स्वाभाविक है। आवश्यकतानुसार बातें समाज के सामने लाई जाएंगी।

यह भी पढ़ें-

न्यायमूर्ति सुधीर सिंह बने पटना हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश!

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,121फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
320,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें