​’इन्हें झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है’, धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर साधा निशाना!

आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है।"

​’इन्हें झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है’, धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी पर साधा निशाना!

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भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उन्होंने लिखा, “छात्रों के हितों को लेकर कांग्रेस लगातार झूठ फैला रही है। राहुल गांधी के पास तथ्य नहीं है। आदतन झूठ बोलने वाले नेता प्रतिपक्ष को न संसद में आना है और न जवाब सुनना है। इन्हें तो बस अपना झूठ फैलाकर घड़ियाली आंसू बहाना है।”

धर्मेंद्र प्रधान ने ‘एक्स’ पोस्ट में आगे लिखा, “गृहमंत्री अमित शाह पर बेवजह बिना किसी तथ्य के झूठे आरोप लगाना राहुल गांधी और कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दिखाता है।

सरकार हर मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, मगर कांग्रेस लोकतंत्र के मंदिर ‘संसद भवन’ को बाधित कर देश और युवाओं के हितों को कुचलने का काम कर रही है, क्योंकि इनकी मंशा देशहित नहीं, स्वयं के हितों को पहले प्राथमिकता देने की है। जब सदन में चर्चा होती है तो ये लोग बाहर हंगामा करते हैं, क्योंकि सदन में जवाब सुनने की इतनी क्षमता नहीं है।

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “कांग्रेस का लोकतंत्र भी ‘सेलेक्टिव’ है, जहां अपनी सरकार हो, वहां युवाओं पर हिंसा और जहां राजनीति चमकानी हो, वहां झूठ और हंगामा। झारखंड में छात्रों के साथ जो बर्बरता हुई है, उसे पूरे देश ने देखा है। लेकिन, सवाल ये है कि हर मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले राहुल गांधी आज चुप्पी क्यों साधे हुए हैं?

देश का युवा कांग्रेस के इस दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुका है। लोकतंत्र में तानाशाही के लिए कोई जगह नहीं, ये राहुल गांधी और आपातकाल वाली सोच से चलने वाली कांग्रेस पार्टी को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए।”

हाल ही में धर्मेंद्र प्रधान ने 9 अगस्त को संबलपुर के गंगाधर मेहर विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था, “मेरा मानना है कि कुछ लोगों ने हमारे जेन-जी को गुमराह करने की कोशिश की।” उन्होंने कहा था, “मंत्री के तौर पर उनके लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल नहीं था। उन्होंने कहा कि देश के करीब 20 करोड़ जेन-जी ही वो ताकत हैं जो भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने में मदद करेंगे।”

 
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