मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “देश में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा ‘बांग्ला’ असम की भी दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है।
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा, “असम में भाजपा का यह विभाजनकारी एजेंडा सारी हदें पार कर चुका है और असम के लोग इसका डटकर मुकाबला करेंगे। मैं हर उस निडर नागरिक के साथ खड़ी हूं, जो अपनी भाषा और पहचान की गरिमा और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ रहा है।”
इससे पहले ममता बनर्जी ने एक पोस्ट में कहा था,”मैं यह जानकर स्तब्ध और बेहद व्यथित हूं कि असम में विदेशी न्यायाधिकरण ने कूचबिहार के दिनहाटा में 50 से ज्यादा वर्षों से रह रहे राजबंशी उत्तम कुमार बृजवासी को एनआरसी नोटिस जारी किया है। वैध पहचान पत्र देने के बावजूद उन्हें “विदेशी/अवैध प्रवासी” होने के संदेह में परेशान किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने पहले भी भाजपा शासित राज्यों में ‘बांग्ला’ बोलने वाले मजदूरों और प्रवासियों की कथित तौर पर गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया।
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