जबरन वसूली मामले में बंगाल सीआईडी के सामने पेश हुए टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद! 

जस्टिस कौशिक चंदा ने सांसद को चल रही जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश देते हुए राहत प्रदान की। आजाद को छह महीने के लिए गिरफ्तारी से राहत दी गई है।

जबरन वसूली मामले में बंगाल सीआईडी के सामने पेश हुए टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद! 

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तृणमूल कांग्रेस के सांसद कीर्ति आजाद मंगलवार को कोलकाता में सीआईडी के हेडक्वार्टर में पेश हुए। उनसे उनके खिलाफ दर्ज जबरन वसूली के एक मामले में पूछताछ की जानी थी। टीएमसी सांसद 15 सितंबर को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दी गई गिरफ्तारी सहित दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा के साथ दक्षिण कोलकाता के भबानी भवन में सीआईडी मुख्यालय पहुंचे।

जस्टिस कौशिक चंदा ने सांसद को चल रही जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश देते हुए राहत प्रदान की। आजाद को छह महीने के लिए गिरफ्तारी से राहत दी गई है।

अदालत ने सीआईडी को आजाद को पूछताछ के लिए बुलाने से कम से कम सात दिन पहले नोटिस देने का भी निर्देश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद सीआईडी ने पीठ को सूचित किया कि आजाद को 22 सितंबर को जांचकर्ताओं के सामने पेश होना होगा।

यह मामला एक व्यवसायी के आरोपों के बाद सामने आया है, जिसने दावा किया था कि उसे पिछले साल 21 मई को दुर्गापुर में आजाद के बंगले पर बुलाया गया था, जहां सांसद के एक सहयोगी ने कथित तौर पर 15 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राशि का भुगतान करने में विफल रहने पर उसे अपना रसोई गैस व्यवसाय बंद करने की धमकी दी गई थी और घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया था।

शिकायत के आधार पर आजाद और कई सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने आरोपों से इनकार करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश का हिस्सा बताया है।

उन्होंने कहा है कि कथित घटना के दिन वह दुर्गापुर में नहीं थे और अपने दावे के समर्थन में अदालत के समक्ष उड़ान यात्रा रिकॉर्ड प्रस्तुत किए। आजाद ने एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का भी रुख किया है।
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