जस्टिस कौशिक चंदा ने सांसद को चल रही जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश देते हुए राहत प्रदान की। आजाद को छह महीने के लिए गिरफ्तारी से राहत दी गई है।
अदालत ने सीआईडी को आजाद को पूछताछ के लिए बुलाने से कम से कम सात दिन पहले नोटिस देने का भी निर्देश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद सीआईडी ने पीठ को सूचित किया कि आजाद को 22 सितंबर को जांचकर्ताओं के सामने पेश होना होगा।
यह मामला एक व्यवसायी के आरोपों के बाद सामने आया है, जिसने दावा किया था कि उसे पिछले साल 21 मई को दुर्गापुर में आजाद के बंगले पर बुलाया गया था, जहां सांसद के एक सहयोगी ने कथित तौर पर 15 लाख रुपए की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राशि का भुगतान करने में विफल रहने पर उसे अपना रसोई गैस व्यवसाय बंद करने की धमकी दी गई थी और घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का दावा किया था।
शिकायत के आधार पर आजाद और कई सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने आरोपों से इनकार करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश का हिस्सा बताया है।
