राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शनों के खिलाफ अब व्यापारी वर्ग और भाजपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेता जय भगवान गोयल और दिल्ली अग्रोहा विकास संगठन के प्रतिनिधि नंद किशोर अग्रवाल ने इन प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि इससे बाजारों, व्यापारियों की दैनिक कमाई और देश की आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है। दोनों नेताओं ने इस मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है।
रविवार को जंतर-मंतर के पास आयोजित विशाल धरना-प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेता जय भगवान गोयल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जो भी कार्य किए हैं, वे राष्ट्रहित में किए हैं।
भाजपा नेता जय भगवान गोयल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने जो भी कार्य किए हैं, वे राष्ट्रहित में किए हैं। राम जन्मभूमि के लिए जो हमारा ट्रस्ट बना, उसमें उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई। धारा 370 को हटाने में उनकी प्रमुख भूमिका रही है। उन्होंने लाखों बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से कटवाकर उन्हें देश से बाहर जाने पर मजबूर किया है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाकर देश में अराजकता फैलाने की साजिश रच रहा है। ये देश में नेपाल, बांग्लादेश और फ्रांस जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं। इसलिए आज हम संतों के सानिध्य में व्यापारी, किसान, मजदूर, महिलाएं, बच्चे सभी इकट्ठा होकर यहां धरना दे रहे हैं। धरना देने के बाद यहां से हम राहुल गांधी के आवास तक कूच करेंगे और राष्ट्रपति को भी ज्ञापन देंगे।
गोयल ने कहा, “जो लोग खुलेआम रिजीम चेंज की बात करके देश की चुनी हुई सरकार को हटाकर गुंडागर्दी के बल पर अपनी सरकार बनाना चाहते हैं, उनका चेहरा बेनकाब हो गया है। जिस तरह से गुंडागर्दी की जा रही है, संविधान, सुप्रीम कोर्ट और संसद की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उसे देश की जनता बिल्कुल भी सहन करने को तैयार नहीं है।
इसलिए हम प्रदर्शन करके राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे कि इन राष्ट्रद्रोहियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह के मुकदमे दर्ज हों। इनकी जगह जेल में है, न कि खुले आसमान में घूमने की आजादी मिलनी चाहिए।”
उन्होंने कहा, “अभी 8 तारीख को दीपावली है। हिंदुओं और सनातनियों का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली है। ऐसे मौके पर हम व्यापारी और मजदूर लगभग छह महीने के राशन के बराबर कमाई कर लेते हैं। इस बार विपक्ष के प्रदर्शन के चलते व्यापार एकदम से ठप पड़ा हुआ है।
अब 1 नवंबर को फिर से हजारों की संख्या में दिल्ली के रामलीला मैदान में ये आ रहे हैं, ताकि हमारी दीपावली काली हो जाए। हमारी मांग है कि इस तरह की रैलियां कैंसिल होनी चाहिए। अभी किसी को भी ऐसी रैलियों की परमिशन नहीं मिलनी चाहिए, जिससे अराजकता पैदा हो, लोगों की रोजी-रोटी और धर्म को चोट पहुंचे। यह रुकना चाहिए।”
वहीं, दिल्ली अग्रोहा विकास संगठन के प्रतिनिधि नंद किशोर अग्रवाल ने भी व्यापारियों को हो रहे नुकसान को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, “आज संपूर्ण व्यापारी समाज यहां उपस्थित है। हमने आह्वान किया था और पूरे एनसीआर क्षेत्र विशेष रूप से आगरा, बुलंदशहर, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा सभी क्षेत्रों से व्यापारी समाज यहां इकट्ठा हुआ है और हमारी महिला वर्ग भी यहां उपस्थित है।
हम इस धरना-प्रदर्शन के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि अब व्यापारी समाज को खड़ा होना पड़ेगा और ऐसी ताकतों का विरोध करना होगा, जो देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना चाहती हैं और देश के विकास को रोकना चाहती हैं।”
नंद किशोर अग्रवाल ने कहा, “ज्ञानेश कुमार के बहाने विपक्ष रिजीम चेंज और नैरेटिव चेंज की कोशिश कर रहा है। मीडिया हो, संसद हो, सुप्रीम कोर्ट हो या चुनाव आयोग, ये सभी लोकतंत्र के स्तंभ हैं और इन्हें खराब करने व नष्ट करने की कोशिश न तो देश हित में है, न समाज हित में और व्यापारियों के हित में तो बिल्कुल भी नहीं है।”
उन्होंने कहा, “रोज अखबारों में आ रहा है कि हजारों करोड़ का नुकसान हुआ है। एक सर्वे में बताया गया था कि दीपावली के अवसर पर एक लाख करोड़ रुपए का व्यापार होता है। अगर यही त्योहार बाधित हो गया तो बहुत बड़ा नुकसान होगा।
खरीदारी एक महीने पहले से शुरू हो जाती है, कपड़ों का व्यापार होता है, वह पूरा व्यापार खराब किया गया है। एक लाख करोड़ में से हजारों करोड़, दस हजार करोड़ या बीस हजार करोड़ का नुकसान तो निश्चित तौर पर हुआ है।”
उन्होंने कहा, “जब व्यापार बाधित होगा, खराब होगा तो आर्थिक स्थिति पर असर तो आएगा ही। व्यापारी वर्ग कितने लोगों को रोजगार देता है, अगर उसका व्यापार नहीं चलेगा, मुनाफा नहीं होगा तो वह रोजगार को कैसे बनाए रख पाएगा।
साल भर में व्यापारी के लिए असली सीजन दीपावली का ही होता है, अगर इसी में नुकसान हो गया तो व्यापारी खुद को संभाल नहीं पाएगा। बहुत से छोटे व्यापारियों को इससे जरूर नुकसान होगा और तकलीफ उठानी पड़ेगी।”
राहुल गांधी के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए नंद किशोर अग्रवाल ने कहा, “राहुल गांधी सौ चुनाव हार चुके हैं और जब वे लोकतंत्र के जरिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं तो इस तरह अराजकता फैलाकर नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जो देश हित में नहीं है।”
