राज्यसभा में दी श्रद्धांजलि, पहलगाम हमला और विमान हादसा बना मुद्दा!

सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने पर सबसे पहले असम गण परिषद के बीरेंद्र प्रसाद वैश्य ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।   

राज्यसभा में दी श्रद्धांजलि, पहलगाम हमला और विमान हादसा बना मुद्दा!

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पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों को संसद ने सोमवार को श्रद्धांजलि दी। वहीं, अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना में मारे गए लोगों को भी मॉनसून सत्र के पहले दिन राज्यसभा ने श्रद्धांजलि दी है।

इसके अलावा सोमवार को राज्यसभा में तीन मनोनीत सदस्यों समेत कुल पांच राज्यसभा सांसदों ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने पर सबसे पहले असम गण परिषद के बीरेंद्र प्रसाद वैश्य ने राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली।

सोमवार को ही असम से भाजपा के कणाद पुरकायस्थ ने भी राज्यसभा में शपथ ली। इनके अलावा हाल ही में मनोनीत किए गए तीन सदस्यों मीनाक्षी जैन, सी सदानंदन मास्टर और हर्षवर्धन श्रृंगला ने राज्यसभा में शपथ ली।

राज्यसभा के सभापति ने सदानंदन मास्टर के जीवन को साहस और अन्याय के प्रतिरोध का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सदानंदन मास्टर शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे। एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सदन ने उनके योगदान की प्रशंसा की। युवा सशक्तिकरण के प्रति उनके जुनून का सदन में उल्लेख किया गया।

गौरतलब है कि वर्ष 1994 में हुई एक राजनीतिक हिंसा में उन्होंने ने अपने दोनों पैर खो दिए थे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि सी. सदानंदन मास्टर का जीवन साहस और अन्याय के आगे झुकने से इंकार का प्रतीक है।

हिंसा और धमकी राष्ट्रीय विकास के प्रति उनके जज्बे को कम नहीं कर सकी। एक शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी उनके प्रयास सराहनीय हैं। युवा सशक्तिकरण के प्रति उनमें गहरी रुचि है।

वहीं, राज्यसभा में बतौर मनोनीत सांसद आए हर्षवर्धन श्रृंगला ने एक राजनयिक, बुद्धिजीवी और रणनीतिक विचारक के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वे भारत के विदेश सचिव रह चुके हैं।

इसके अलावा, वे अमेरिका में भारत के राजदूत के पद पर भी अपने दायित्व का निर्वाह कर चुके हैं। वे बांग्लादेश और थाईलैंड जैसे देशों में भी भारत के राजदूत रह चुके हैं। जी-20 अध्यक्षता में भी उन्होंने अपना योगदान दिया है।

वहीं, डॉ. मीनाक्षी जैन एक विदुषी, शोधकर्ता और इतिहासकार हैं। राज्यसभा सभापति ने सदन में उनके विशिष्ट कार्यों की सराहना की और शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान में उनके योगदान का उल्लेख किया। डॉ. मीनाक्षी जैन शिक्षा, साहित्य, इतिहास और राजनीति विज्ञान के क्षेत्र में उनके कार्यों ने अकादमिक विमर्श को महत्वपूर्ण रूप से समृद्ध किया है।

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