अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होता नहीं दिख रहा है। उल्टा यह तनाव बढ़ता ही दिख रहा है। अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर हमला किया है। उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया पर पोस्ट करके ईरान को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है।
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगभग कब्ज़ा कर लिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि प्रतिबंधों और हमलों की वजह से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कहा जा रहा है कि ट्रंप के इस दावे से ईरान के साथ तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका तेहरान से फिर से बात करना चाहता है। इसके लिए ABC न्यूज़ ने कहा था कि अमेरिका की तरफ से दबाव डाला जा रहा है। ट्रंप ने ABC न्यूज़ के इस दावे को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि हम ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहते हैं।
ट्रंप ने क्या कहा?
हम ईरान को बातचीत की टेबल पर आने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं। ABC न्यूज़ की रिपोर्ट फर्जी है। अगर ईरान कोई समझौता करता है, तो वह हमारे लिए बेकार होगा। इस समझौते से हमें कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। हमें अभी के हालात ज़्यादा अच्छे लगते हैं। हमने होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल कर लिया है। ईरान की इकॉनमी गिर गई है। हम वही कर रहे हैं जो करना चाहिए था। अब क्या ईरानी लोग खड़े होकर लड़ेंगे? ट्रंप ने पूछा है।
फरवरी में तनाव शुरू होने के बाद से ट्रंप ने कई दावे किए हैं। उन्होंने पहले होर्मुज पर कंट्रोल पाने का दावा किया था। हालांकि, तेहरान ने वॉशिंगटन के इन दावों को खारिज कर दिया था। ईरान ने पहले ही साफ कर दिया था कि स्ट्रेटेजिक वॉटरवे ईरान के कंट्रोल में है।
ईरान का पलटवार
US ने ईरान पर हमला किया था। ईरान ने भी उसी तरह जवाब दिया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि ईरान ने जॉर्डन के अकाबा के पास एक मिलिट्री साइट पर हमला किया है। एक US मरीन कैंप को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया गया है। दावा किया गया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं।
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