हिजाब को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर संजय निषाद ने कहा, “देश की आधी आबादी महिलाओं की है। अगर देश संविधान से चलता है, तो महिलाओं को आजादी, बराबरी, सम्मान, खुशहाली, आत्मनिर्भरता और सुरक्षा का अधिकार है। ये संविधान के तहत मौलिक अधिकार हैं, इसलिए महिलाओं को यह तय करने का भी अधिकार है कि वे क्या पहनें, कहां बैठें और क्या लिखें।”
सीईसी ज्ञानेश कुमार के बयान पर मंत्री संजय निषाद ने कहा, “मुझे लगता है कि चुनाव आयोग को इस पर विचार करना चाहिए। वोटर लिस्ट सिर्फ एक ही होनी चाहिए। जब व्यक्ति एक ही है और उसी गांव या शहर में वोट देता है, तो लिस्ट भी एक ही होनी चाहिए।
यूजीसी को लेकर संजय निषाद ने कहा, “यूजीसी लागू होना चाहिए, लेकिन ऊंची जातियों के बच्चों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उनके बच्चे भी बच्चे ही हैं और वे मासूम हैं। इसलिए, ऊंची जातियों के बच्चों की सुरक्षा के लिए भी इंतजाम होना चाहिए। उनके लिए भी कुछ प्रावधान किए जाने चाहिए।”



