इसके लिए भाजपा ने हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया, जहां केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पार्टी की ओर से नामांकन भरा, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने एक निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया, मगर उस उम्मीदवार का नामांकन निरस्त हो गया। इस तरह चुनाव में सिर्फ एक ही उम्मीदवार रह गए और निर्वाचन कार्यालय ने केंद्रीय मंत्री को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल तमाम नेताओं के साथ गुरुवार को विधानसभा परिसर स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचे और उन्होंने निर्वाचन अधिकारी से केंद्रीय मंत्री पुरी के निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र हासिल किया। राज्य में राज्यसभा की कुल 11 सीटें हैं, इनमें से अब भाजपा का नौ पर कब्जा हो गया है। वहीं, कांग्रेस के पास दो सीटें हैं।
भाजपा द्वारा राज्यसभा के लिए केंद्रीय मंत्री पुरी के नाम का ऐलान किए जाने के बाद कांग्रेस हमलावर थी और उसने उन पर कई तरह के गंभीर आरोप भी लगाए थे। इतना ही नहीं उनके नामांकन पत्र में जानकारी छुपाने का भी आरोप लगाया था। निर्वाचन कार्यालय ने कांग्रेस की सभी आपत्तियों को निरस्त कर दिया था।
