UP Assembly Counting-2022: एक बार फिर ​​​कमल ​खिला​, मतदाताओं ने जताया भरोसा

वर्ष ​2017 में जब योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम पद पर आसीन हुए तभी तय हो गया था कि इस राज्य से गुंडाराज खत्म हो जाएगा​|​ आज की तारीख में यूपी में हफ्ता वसूली, माफियाओं का इलाका, दबंगई, लूट-डकैती-फिरौती जैसे अपराध ​शून्य​ हो गए हैं​|

UP Assembly Counting-2022: एक बार फिर ​​​कमल ​खिला​, मतदाताओं ने जताया भरोसा
​उत्तर प्रदेश की सत्ता पर ​दोबारा काबिज होने के लिए कई महीनों से जारी सियासी ​घमासान​​ का ​परिणाम मतगणना के साथ आने लगा​ है​|​ सपा की लाख कोशिशों के बाद भी यूपी ​एक​ बार फिर फगवामय के साथ ​भाजपा का परचम लहरा रहा है​|​ इस नतीजे से यह साफ हो गया है कि यूपी में वाकई डबल इंजन की सरकार को लोगों ने पसंद किया और सीएम योगी और पीएम मोदी की जोड़ी के सामने ​किसी​ की एक भी नहीं चल पायी​​|​​ भाजपा की इस जीत के पीछे कई ऐसी चीजें हैं जो इन पांच सालों में विरोधियों की हर कोशिश पर भारी पड़ी​|
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वर्ष ​2017 में जब योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम पद पर आसीन हुए तभी तय हो गया था कि इस राज्य से गुंडाराज खत्म हो जाएगा​|​ आज की तारीख में यूपी में हफ्ता वसूली, माफियाओं का इलाका, दबंगई, लूट-डकैती-फिरौती जैसे अपराध ​शून्य​ हो गए हैं​|​ यहां तक कि यूपी के कई दुर्दांत माफिया एनकाउंटर में मारे गए​|​​

​वर्ष​ ​2014 में जब अखिलेश यादव की सरकार गिरी तो, चुनावी विशेषज्ञों ने यही कहा था कि कानून व्यवस्था और गुंडागर्दी को बढ़ावा मिलना ही सपा के लिए घातक साबित हुआ​|​​ इस क्षेत्र में भाजपा बिल्कुल नहीं चूकी​|​वहीं, सपा की बात करें तो पार्टी को पढ़े-लिखे समाज में बिल्कुल जगह नहीं मिली​|​ सिर्फ यादव वोट के साथ यह तो तय था कि सपा लड़ेगी जरूर, लेकिन सरकार नहीं बना पाएगी​|​ अखिलेश यादव ने एक बार फिर विकास के नाम पर चुनाव जीतने की कोशिश जरूर की​|​​ लेकिन, लोगों ने उन​ ​पर दोबारा विश्वास नहीं किया और फिर से ​भाजपा​​ का साथ दिया​|​ ​

यूपी में भाजपा की जीत का यह भी एक सबसे बड़ा कारण है​​ कि चुनाव के कुछ महीनों से पहले ही पीएम मोदी ने यूपी के लिए कमर कस ली थी​|​ इस बार भी उत्तर प्रदेश चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि ​वर्ष ​2014 में शुरू हुई मोदी लहर अभी तक जारी है​|​ वर्ष​ 2017 में यूपी में भाजपा की जीत हर तरह से मोदी लहर के नाम थी​|​ 

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के विकास कार्यों के लेखा-जोखा पर नजर डालें तो​|​​ ऐसा पिछली सरकारों में कभी देखने को नहीं मिला​|​ इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर कानून व्यवस्था के फ्रंट पर किए गए कार्यों और लिए गए फैसले सबसे ऊपर हैं​|​ स्वास्थ्य क्षेत्र में भी योगी सरकार ने कई अभूतपूर्व कार्य किए हैं​|​

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