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CM योगी को कार्यकारिणी में बुलाने के क्या है मायने? क्या यह ‘उम्मीद’ लाई

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नई दिल्ली। सीएम योगी ने बीजेपी को उत्तर प्रदेश में एक नई ऊंचाई दी है। जिस उम्मीद से बीजेपी ने सीएम योगी के कंधे पर राज्य का कार्य भार सौंपा था उसे उन्होंने पूरा किया। उनके कार्यों की तारीफ पीएम मोदी सहित कई बीजेपी नेता भी कर चुके हैं। उन्होंने जिस तरह कोरोना काल में प्रदेश को संभाला उसके लिए सभी तारीफ करते हैं। जब उन्हें बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दिल्ली बुलाया गया तो इसके कई मायने निकाले जाने लगे हैं, लेकिन सही मायने कहा जाए तो सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के लिए  बेहतरीन काम किया है। और अपने तेवर को बरकरार, आज भारतीय जनमानस में आयोध्या का जो स्वरूप बना है। वह हर भारतीय के लिए गौरव का विषय है।

पहली कतार में बैठे: बहरहाल, रविवार को दिल्ली में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से राजनीतिक प्रस्ताव पारित किया जिसके बारे में कई तरह की चर्चाएं हैं।  योगी आदित्यनाथ अकेले ऐसे राज्य के मुख्यमंत्री थे, जहां अगले साल चुनाव होने वाला है। गुजरात के भूपेंद्र पटेल, हिमाचल के जयराम ठाकुर, उत्तराखंड के पुष्कर धामी समेत अन्य सभी मुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही मीटिंग में शामिल हुए थे। योगी आदित्यनाथ का दिल्ली आना और अहम प्रस्ताव को पेश करना अहम संदेश देता है। यही नहीं बैठक में भी वह अमित शाह, नितिन गडकरी और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं के साथ पहली कतार में बैठे थे।

राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया: उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में ही चुनाव होने वाले हैं, जिसमें जीत हासिल करना भाजपा के लिए बेहद अहम होगा। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ को राष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिए जाने से भाजपा ने संकेत दिया है कि यूपी और योगी उसके लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव को सबसे अहम माना जाता है और इसे पार्टी के राष्ट्रीय नेताओं की ओर से ही पेश किया जाता रहा है। ऐसे में योगी आदित्यनाथ को यह मौका मिलने से पता चलता है कि उनका कद भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में भी बढ़ रहा है। इस प्रस्ताव में पार्टी की भविष्य की राजनीतिक योजनाओं और विजन के बारे में जानकारी दी जाती है।
कोरोना काल में बेहतरीन काम किया:  भाजपा की 2017 और 2018 में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने इन प्रस्तावों को पेश किया था। इस बार योगी आदित्यनाथ को मौका दिए जाने के सवाल पर निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘उनकी परफॉर्मेंस शानदार है और वह इसके लिए डिजर्व करते हैं।’ निर्मला ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य के मुखिया हैं। हर कोई जानता है कि उन्होंने कोरोना काल में किस तरह से काम किया था। चाहे वह प्रवासी मजदूरों की मदद की बात हो या फिर गांवों में रोजगार के अवसर पैदा करने का मसला हो। वित्त मंत्री ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सीनियर सांसद भी रहे हैं। ऐसे में उन्हें राजनीतिक प्रस्ताव पेश करने के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया जा सकता।

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