बरेली-मुरादाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार ने पार्टी के जनप्रतिनिधियों की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मंडल में छह सांसद और 19 विधायक होने के बावजूद सपा प्रत्याशी दानिश अख्तर को सिर्फ 3,996 वोट मिले, जबकि भाजपा के डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने 21,672 वोट हासिल कर 17,676 मतों से जीत दर्ज की।
सपा उम्मीदवार को कुल मतदान का महज 11.36 प्रतिशत वोट मिला। नौ जिलों वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन नतीजे इसके उलट रहे।
हार के बाद सपा में चुनावी रणनीति और संगठन की भूमिका को लेकर मंथन शुरू हो गया है। पार्टी के मुरादाबाद प्रभारी एवं मुख्य चुनाव एजेंट फिरोज खां ने स्वीकार किया कि मतदाता सूची की जांच और चुनाव प्रचार में चूक हुई। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने चुनाव में अपेक्षित दिलचस्पी नहीं दिखाई। इसकी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को सौंपी जाएगी।
वर्ष 2020 के चुनाव में सपा समर्थित उम्मीदवार संजय मिश्रा को 4,864 वोट मिले थे। इस बार पार्टी के पास 18 के बजाय 25 जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उम्मीदवार को 868 वोट कम मिले।
इस परिणाम ने सपा की चुनावी तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पार्टी नेतृत्व के सामने संगठन को सक्रिय करने और आगामी चुनावों के लिए रणनीति सुधारने की चुनौती है।
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