राजधानी लखनऊ में गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में उस समय हड़कंप मच गया जब गाजियाबाद निवासी एक रिटायर्ड फौजी जहरीला पदार्थ खाकर वहां पहुंच गया। फौजी की पहचान लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली गांव निवासी सतबीर गुर्जर के रूप में हुई है।
वह सीएम दरबार में पहुंचे और सुरक्षा कर्मियों को बताया कि उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया है। तुरंत उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी रही।
सतबीर ने आरोप लगाया कि गाजियाबाद से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर लगातार उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। उनकी जेब से मिला शिकायती पत्र इस दावे की पुष्टि करता है। पत्र में उन्होंने लिखा था कि अप्रैल महीने में विधायक द्वारा निकाली गई कलश यात्रा का असली उद्देश्य सरकार गिराना था। सतबीर ने इस साजिश का पर्दाफाश सोशल मीडिया पर कर दिया था। इसके बाद से विधायक और उनके समर्थक उन्हें परेशान कर रहे हैं।
मौके पर अफरातफरी का माहौल था, हालांकि सुरक्षा बलों ने स्थिति को संभाल लिया। पुलिस के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। इंस्पेक्टर गौतम पल्ली रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि सतबीर गुर्जर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
इस घटना ने एक बार फिर सत्ता से जुड़े लोगों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित फौजी के आरोपों की जांच अगर ठोस स्तर पर नहीं हुई तो यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सतबीर की जान बचाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने पर है।
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