सोमवार को भी सदन में विपक्ष ने अपनी इस मांग को लेकर नारेबाजी की। कई सांसद सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए और नारेबाजी करने लगे।
वहीं, लोकसभा में भी हंगामे की स्थिति बनी रही। यहां भी सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में सोमवार को लगातार जबरदस्त नारेबाजी होती रही। विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के समीप आ गए और नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि सभापति ने विपक्ष की यह मांग पहले ही अस्वीकार कर दी है।
सोमवार को भी उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस स्वीकार नहीं किए गए हैं। कई सांसद हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। इस पर सभापति ने नाराजगी जताई।
बढ़ते हंगामे के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। इससे पहले राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कह चुके हैं कि विपक्ष के सांसदों ने नोटिस दिया है। ये सांसद नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस के अंतर्गत चर्चा चाहते हैं।
हालांकि सभापति ने नियम 267 को अस्वीकार कर दिया। सभापति ने कहा कि यह बात कई बार कही जा चुकी है। सभापति के मुताबिक पूर्व में भी नियम 267 के तहत चर्चा को अनुमति नहीं दी गई थी।
गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में अभी तक प्रश्नकाल व शून्यकाल का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ चुका है। सोमवार को भी सदन में यही स्थिति बनी रही और राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई।
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