उत्तराखंड में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। टिहरी गढ़वाल जिले की छह विधानसभा सीटों पर भी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 2022 के चुनाव में भाजपा ने जिले की अधिकांश सीटों पर जीत दर्ज कर मजबूत स्थिति बनाई थी, जबकि कांग्रेस को प्रतापनगर में सफलता मिली थी।
घनसाली (सुरक्षित) सीट पर भाजपा के शक्ति लाल शाह ने कांग्रेस के धनी लाल शाह को 10,285 वोटों से हराया था। इस सीट पर पिछले 15 वर्षों से भाजपा का कब्जा है।
देवप्रयाग में भाजपा के विनोद कंडारी ने उत्तराखंड क्रांति दल के दिवाकर भट्ट को 2,588 मतों से शिकस्त दी थी। कांग्रेस के मंत्री प्रसाद नैथानी तीसरे स्थान पर रहे थे। यहां मुकाबला हमेशा दिलचस्प माना जाता है।
प्रतापनगर में कांग्रेस के विक्रम सिंह नेगी ने भाजपा के विजय सिंह पंवार को 2,341 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी। वहीं, नरेंद्रनगर में भाजपा के सुबोध उनियाल ने कांग्रेस के ओम गोपाल को 1,798 मतों से पराजित किया था।
टिहरी सीट पर भाजपा के किशोर उपाध्याय ने उत्तराखंड जन-एकता पार्टी के दिनेश धन्ना को महज 951 वोटों से हराया था। यहां मुकाबला त्रिकोणीय रहा था।
धनोल्टी में भाजपा के प्रीतम सिंह पंवार ने कांग्रेस के जोत सिंह बिष्ट को 4,684 वोटों से हराया था।
2027 के चुनाव में इन सीटों पर स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवारों की लोकप्रियता, सामाजिक समीकरण और विकास कार्य निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। भाजपा के सामने अपना पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती होगी, जबकि कांग्रेस खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कोशिश करेगी।
