आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने अखिलेश यादव को भाजपा की बी टीम बताया। उन्होंने कहा कि जब वह मध्य प्रदेश गए थे, तब उन्होंने भाषण दिया था कि कांग्रेस बहुत चालाक पार्टी है, उस पर भरोसा मत करना, उसने हमें धोखा दिया है और आपको भी धोखा देगी।
सपा प्रमुख ने तो कांग्रेस को भाजपा की बी टीम बताया था, अब वोटर अधिकार यात्रा में कांग्रेस के साथ जा रहे हैं तो वह भाजपा की बी टीम तो हुए।
तेजस्वी यादव पर भी तंज कसते हुए कहा, “उनके पिता लालू प्रसाद यादव कांग्रेस को हमेशा कोसते थे, लेकिन अब तेजस्वी कांग्रेस के साथ हैं।” राजभर ने दावा किया, “इस यात्रा का मकसद बिहार में एनडीए की सरकार बनवाना है। ये लोग एनडीए को जिताने के लिए काम कर रहे हैं।”
पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा लोकतंत्र के लिए खतरा है। राजनीति में इस तरह की टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चे पैदा करने की सलाह पर उन्होंने कहा, “यह उनकी निजी राय है। सरकार अपना काम कर रही है और वे अपने कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं। हम सभी अपना काम कर रहे हैं।
काशी-मथुरा पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर कहा कि यह उनका निजी बयान है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे पर राजभर ने कहा कि पीएम भारत को मजबूत करने और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
वोटर अधिकार यात्रा पर राजभर ने विपक्ष पर तंज कसते हुए इसे दगे हुए कारतूस करार दिया और दावा किया कि बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि हारने के बाद विपक्ष वोट चोरी और ईवीएम के मुद्दे उठाएगा, जो उनकी हताशा को दर्शाता है।



