तरुण चुघ ने गुरुवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। कांग्रेस न्यायपालिका के आदेश पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि कोर्ट ने यह आदेश संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण जारी किया है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को देश की लूट के पैसे का जवाब देना ही होगा। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं है बल्कि देश के स्वतंत्रता संग्राम की विरासत और स्वतंत्रता सेनानियों की दौलत को लूटने का घिनौना प्रयास है।
वक्फ संशोधन कानून को लेकर पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा पर तरुण चुघ ने ममता सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल जल रहा है और ममता बनर्जी को सिर्फ मुस्लिम लीग और कट्टरपंथी तत्वों की चिंता है। मुर्शिदाबाद में हिंदू समुदाय पलायन को मजबूर हो रहा है, लेकिन उन्हें सुरक्षा नहीं दी जा रही है। राहत कैंपों को हटाया जा रहा है और पलायन कर रहे लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे वापस जाएं।
चुघ ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार बीएसएफ और केंद्रीय एजेंसियों को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। आज टीएमसी और ममता बनर्जी 1940 के डायरेक्ट एक्शन की याद दिला रही हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे पर भी तरुण चुघ ने कांग्रेस पर जुबानी हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान के खिलाफ जाकर धर्म के आधार पर मुस्लिम आरक्षण लागू करने की कोशिश कर रही है। यह न केवल गैरकानूनी है, बल्कि पूरी तरह से असंवैधानिक भी है।
