भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के सात जवानों को आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में हटा दिया है। यह जवान मुर्शिदाबाद जिले के समसेरगंज क्षेत्र में एक इफ्तार पार्टी में शामिल पाए गए। आयोग के अनुसार, यह घटना मार्च 2026 के पहले सप्ताह की है। संबंधित क्षेत्र 2025 में सांप्रदायिक हिंसा के कारण संवेदनशील माना जाता रहा है। ऐसे में चुनाव ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों द्वारा सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना नियमों का उल्लंघन माना गया।
कार्रवाई के तहत तीन CAPF जवानों को सात दिन की पैरामिलिट्री हिरासत में भेजा गया है। दो जवानों को औपचारिक चेतावनी देते हुए फटकार लगाई गई है, जबकि शेष दो के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है, जिन पर आगे और अनुशासनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव ड्यूटी के दौरान तैनात सुरक्षाबलों को किसी भी प्रकार के निमंत्रण, उपहार या आतिथ्य स्वीकार करने की अनुमति नहीं है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी तैनात कर्मियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने निगरानी व्यवस्था भी मजबूत की है। CAPF काफिलों के वाहनों की जियो-टैगिंग, गतिविधियों और मूवमेंट का अनिवार्य रिकॉर्ड, तथा आकस्मिक निरीक्षण जैसे कदम लागू किए गए हैं।
इस घटना को आयोग ने एक उदाहरण के रूप में लेते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी शामिल किया है। अब CAPF के कंपनी कमांडेंट्स द्वारा तैनाती से पहले होने वाले प्रशिक्षण सत्रों में इस मामले का उल्लेख किया जा रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता बनाए रखी जा सके।
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