पश्चिम बंगाल: चार माह की SIR प्रक्रिया के बाद आज जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

पश्चिम बंगाल: चार माह की SIR प्रक्रिया के बाद आज जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

West Bengal: Final voter list to be released today after four months of SIR process

पश्चिम बंगाल में चार महीने चली विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद आज शनिवार, 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। भारतीय निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार की गई संशोधित सूची राज्य की चुनावी प्रक्रिया में एक अहम चरण मानी जा रही है।

आयोग के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची उसकी आधिकारिक वेबसाइट eci.gov.in, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, पश्चिम बंगाल की वेबसाइट ceowestbengal.wb.gov.in और ईसीआई नेट मोबाइल एप्लिकेशन पर उपलब्ध रहेगी। इस सूची में कुल 7,08,16,631 मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। सूची में नामों को “deleted”, “under adjudication” और “approved” जैसी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

60 लाख से अधिक मतदाता समीक्षा के दायरे में:

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिन 60,06,675 मतदाताओं के नामों को पहले निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (ERO) द्वारा स्वीकृति दी गई थी अब समीक्षा के अधीन हैं। ये मतदाता कुल निर्वाचन क्षेत्र का लगभग 8.5% हिस्सा हैं। संभावना जताई जा रही है कि इनमें से कुछ नाम अंतिम सूची से हटाए जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड से 530 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की गई, जिन्होंने इन मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच की। निर्वाचन आयोग के माइक्रो-ऑब्जर्वरों द्वारा दस्तावेजों में विसंगतियां चिन्हित किए जाने के बाद इन नामों को पुनरीक्षण के लिए भेजा गया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, समीक्षा के दायरे में आने वाले अधिकांश मतदाता मुस्लिम बहुल जिलों से हैं, जिनमें मुर्शिदाबाद (लगभग 11 लाख), मालदा (8.28 लाख), दक्षिण 24 परगना (5.22 लाख), उत्तर 24 परगना (5 लाख), झाड़ग्राम (6,682) और कालिम्पोंग (6,790) शामिल हैं।

ड्राफ्ट सूची से 58 लाख नाम हटाए गए थे:

16 दिसंबर 2025 को प्रकाशित प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची से लगभग 58 लाख नाम हटाए गए थे। इनमें 24 लाख मतदाताओं को मृत पाया गया, लगभग 19 लाख के स्थानांतरण की पुष्टि हुई, 12 लाख मतदाता अनुपस्थित पाए गए और 1.3 लाख नाम दोहराव के कारण हटाए गए। एसआईआर प्रक्रिया से पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी।

पश्चिम बंगाल में एसआईआर का दूसरा चरण 1 नवंबर 2025 से शुरू हुआ था, जबकि घर-घर सत्यापन 4 नवंबर से 11 दिसंबर 2025 तक चला। 16 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची जारी की गई और 15 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की गईं। 7 फरवरी 2026 तक ईआरओ ने सुनवाई पूरी कर अधिकांश मामलों का निपटारा किया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सुनवाई और जांच की अवधि बढ़ाई गई, जिसके बाद अंतिम सूची जारी करने की तिथि 14 फरवरी से बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 तय की गई। विभिन्न विपक्षी दलों और राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार के विरोध के बावजूद सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की बाधा की अनुमति नहीं दी जाएगी।

अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ राज्य में आगामी चुनावी तैयारियों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और विधिसम्मत तरीके से पूरी की गई है।

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