निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के सात अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही राज्य के मुख्य सचिव को उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इन सभी अधिकारियों पर एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े मामलों में कर्तव्य में लापरवाही और कानूनी अधिकारों के दुरुपयोग का आरोप है।
रविवार (16 फरवरी) रात पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को भेजे गए कई पत्रों में आयोग ने विभिन्न जिलों में तैनात सात सहायक निर्वाचन निबंधन अधिकारियों (AERO) को तुरंत निलंबित करने का आदेश दिया। पत्र में कैडर नियंत्रक प्राधिकरण को बिना देरी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और आयोग को इसकी जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इन सात अधिकारियों में से तीन मुर्शिदाबाद जिले में, दो दक्षिण 24 परगना में और एक-एक पश्चिम मेदिनीपुर तथा जलपाईगुड़ी जिले में तैनात हैं। निलंबित अधिकारियों में मुर्शिदाबाद के कृषि विभाग के सहायक निदेशक और 56-समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र के AERO डॉ. सेफौर रहमान; 55-फरक्का विधानसभा क्षेत्र के राजस्व अधिकारी और AERO नितीश दास; तथा 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के ADA और AERO एस. के. मुर्शिद आलम शामिल हैं।
इसके अलावा मयनागुड़ी विकास खंड की महिला विकास अधिकारी और 16-मयनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र की AERO दलिया रे चौधरी को भी निलंबित किया गया है। दक्षिण 24 परगना के 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के AERO सत्यजीत दास और जॉयदीप कुंडू तथा पश्चिम मेदिनीपुर के 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के संयुक्त बीडीओ और AERO देबाशीष बिस्वास को भी निलंबित किया गया है।
आयोग ने इन अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के संबंध में राज्य सरकार से तत्काल रिपोर्ट मांगी है।
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