छात्रों पर पैलेट गन का आदेश किसने दिया, नासिर हुसैन का सवाल! 

उन्हें बाकायदा वो प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जिससे इस बात की तस्दीक हो सके कि सरकार की ओर से बच्चों पर फायरिंग करने का आदेश दिया गया था।  

छात्रों पर पैलेट गन का आदेश किसने दिया, नासिर हुसैन का सवाल! 

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कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान को लेकर उनका बचाव किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री के आदेश पर बच्चों पर फायरिंग की गई। राहुल गांधी के इस बयान पर आपत्ति जताते हुए मंत्री किरेन रिजिजू ने उनसे माफी की मांग की और कहा कि उन्हें बाकायदा वो प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जिससे इस बात की तस्दीक हो सके कि सरकार की ओर से बच्चों पर फायरिंग करने का आदेश दिया गया था।

इसी पर कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने कहा कि यह देश का संसद है। अगर देश में किसी भी प्रकार की घटना होती है, तो उस विभाग के मंत्री देंगे। अगर देश में पुलिस प्रशासन से संबंधित कोई मुद्दा है, तो जाहिर सी बात है कि केंद्रीय गृह मंत्री ही सामने आकर अपनी बात स्पष्ट करेंगे।

अगर विदेश से जुड़ा मुद्दा है, तो जाहिर सी बात है कि विदेश मंत्री ही बयान देंगे। ऐसी स्थिति में इस देश के बच्चों के माता-पिता यह जानना चाहते हैं कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया। बच्चों के माता-पिता जानना चाहते हैं कि उनके बच्चों पर कांटों से भरी हुई लाठियां किसने भांजी? आखिर किसने आंसू गैस के गोले दागे और किसने उन्हें बेरहमी से पीटा।

उन्होंने कहा कि सरकार ने यह वादा किया था कि आंदोलन में शामिल छात्रों को परेशान नहीं किया जाएगा। उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाएगी। लेकिन, अब पुलिस उन सभी छात्रों के घरों में पहुंच रही है, जो इस आंदोलन में शामिल हुए थे।

इतना ही नहीं, जो लोग आंदोलनकारी छात्रों की मदद कर रहे थे, उन्हें चिन्हित करके उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो रही है। आखिर ये सब क्या हो रहा है? जिन लोगों ने आंदोलन में शामिल युवाओं को खाना सहित अन्य सामग्री उपलब्ध कराई, उन्हें भी चिन्हित किया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि आखिर तुमने आंदोलनकारियों की मदद क्यों की।
बेरोजगार युवाओं से भी सवाल किया जा रहा है कि आखिर तुम उस आंदोलन में शामिल क्यों हुए। अरे साहब, आपने युवाओं को नौकरी नहीं दी, तो जाहिर सी बात है कि वो आपसे नौकरी मांगने के लिए जाएगा ही।

उन्होंने कहा कि मैं यही कहना चाहूंगा कि केंद्रीय गृह मंत्री को इस पूरे मामले पर संज्ञान लेकर अपनी स्पष्ट करनी चाहिए। उन्हें सामने आकर बयान देना चाहिए। उन्हें चर्चा में हिस्सा लेनी चाहिए।

इसके अलावा, उन्होंने एंटी पेपर बिल पर भी प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, हम तो यही चाहते हैं कि संसद में हर मुद्दे पर चर्चा हो। कोई भी मुद्दा चर्चा से अछूता नहीं रहे। लेकिन, अफसोस की बात है कि ये लोग हमारे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने ही नहीं दे रहे हैं।

इन लोगों से यह बर्दाश्त नहीं हो पा रहा है कि आखिर कैसे हमारे नेता राहुल गांधी छात्रों के मुद्दों को उठाने की कोशिश कर रहे हैं। जैसे ही इस पूरी चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह का बयान आया, तो वैसे ही ये लोग आपत्ति दर्ज कराने लगे। यही इन लोगों की रणनीति होती है। हम पहले ही दिन से चाहते हैं कि हर मुद्दे पर चर्चा हो।
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