उन्होंने यह भी बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान महिला पायलटों और महिला सैनिकों ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा, ”हमारे देश की वीरांगनाओं ने रणभूमि में भी अपना शौर्य दिखाया है और राजपाट में भी सुशासन के नए कीर्तिमान लिखे हैं। भारत की महिलाओं ने हर युग में अपनी क्षमता साबित की है। आज भारत की महिलाएं सेना, पुलिस, विज्ञान, खेल, शिक्षा, प्रशासन और हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं। वे सियाचिन की ऊंचाइयों से लेकर समंदर की गहराइयों तक देश की सुरक्षा को और भी मजबूत कर रही हैं।”
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह नए भारत की नारी शक्ति है जो हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नेतृत्व कर रही है। नारी शक्ति को और आत्मविश्वासी और सशक्त बनाने के लिए सरकार ने उन्हें अधिकार, अवसर, सुरक्षा और सम्मान देने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि वीरांगना अवंतीबाई लोधी की इस प्रतिमा का लोकार्पण करके, वह बहुत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। 1857 में स्वतंत्रता के प्रथम संग्राम में उन्होंने जिस साहस के साथ अंग्रेजों का सामना किया, वह भारतीय इतिहास का गौरवपूर्ण अध्याय है।
राजनाथ सिंह ने कहा, ”हमारे देश की वीरांगनाओं ने रणभूमि में भी अपना शौर्य दिखाया है और राजपाट में भी सुशासन के नए कीर्तिमान लिखे हैं। भारत की महिलाओं ने हर युग में अपनी क्षमता साबित की है। आज भारत की महिलाएं, सेना, पुलिस, विज्ञान, खेल, शिक्षा, प्रशासन और हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का परिचय दे रही हैं।”
राजनाथ सिंह का कहना था कि रानी अवंतीबाई जैसी वीरांगनाओं से लेकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे महान राष्ट्रनिर्माताओं तक, भारत का इतिहास ऐसे महान व्यक्तित्वों से भरा हुआ है। हमारी सरकार इस गौरवशाली विरासत को सम्मान देने और इसे नई पीढ़ी के सामने लाने का काम कर रही है।
उन्होंने इस अवसर पर कहा, ”हमारे आदर्श और प्रेरणास्रोत बाहर से आयात नहीं होने चाहिए। हमारे युवाओं को देश के उन महान व्यक्तित्वों के बारे में जानना चाहिए, जिन्होंने भारत के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
