उन्होंने कहा कि संवाद, सम्पर्क और सक्रियता से ही संगठन के कार्यों को गति मिलती है। पंचायत चुनाव और स्नातक विधान परिषद चुनाव की तैयारियों को लेकर उन्होंने पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और कहा कि पूर्व तैयारी और पूर्ण तैयारी की नीति पर चलते हुए ही विजय सुनिश्चित की जा सकती है।
कानपुर में क्षेत्रीय पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों और प्रभारियों के साथ हुई बैठक में उन्होंने हर घर तिरंगा, एक पेड़ मां के नाम और विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस जैसे अभियानों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मंडलों में अध्यक्ष घोषित नहीं हुए हैं, वहां आपसी सामंजस्य से चयन प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्नाव में मंडल अध्यक्षों और शक्ति केन्द्र संयोजकों को संबोधित करते हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि मंडल इकाई संगठन की धुरी है और शक्ति केन्द्र उसकी कार्यशीलता का आधार। मंडल अध्यक्ष और शक्ति केन्द्र संयोजक जितने सक्रिय होंगे, उतनी ही बूथ समितियां मजबूत होंगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा केवल चुनावी संगठन नहीं है, बल्कि समाजसेवा, राष्ट्र निर्माण और जनजागरण का माध्यम है। यही कारण है कि संगठन की मजबूती गांव-गांव, घर-घर और पगडंडी तक पहुंचने से होगी।
धर्मपाल सिंह ने जोर देकर कहा कि सक्रिय बूथ ही विचारधारा के प्रसार और चुनावी विजय की गारंटी है। इसलिए कार्यकर्ताओं को मंच और माला से दूर रहकर बूथ स्तर तक पूरी ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ जुटना होगा।
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