गुजरात के भरूच जिले में शुक्रवार (27 फरवरी) को राज्य सरकार ने गौचर भूमि पर अवैध रूप से निर्मित एक दरगाह को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई भरूच जिले के गोवाली गांव में की गई, जहां सर्वे नंबर 1456 और 1457 की जमीन सरकारी अभिलेखों में गौचर (चरागाह) के रूप में दर्ज है।
स्थानीय ग्रामीणों द्वारा मामले को प्रशासन के संज्ञान में लाए जाने के बाद जांच की गई, जिसमें पाया गया कि संबंधित भूमि पर बिना अनुमति धार्मिक ढांचा खड़ा किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, इस अवैध निर्माण के कारण गांव की मूल्यवान चरागाह भूमि अवरुद्ध हो गई थी, जिससे पशुपालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले दरगाह प्रबंधन को नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अवैध संरचना हटाने को कहा था। हालांकि निर्धारित समयावधि में कोई कदम नहीं उठाए जाने पर प्रशासन ने कानूनी प्रक्रिया के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान भरूच जिला पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर से अवैध ढांचे को गिराया गया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे और पूरे अभियान की निगरानी की।
अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और गौचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में चरागाह के रूप में दर्ज है और उस पर किसी भी प्रकार का निजी या धार्मिक निर्माण नियमों के विरुद्ध है।
सरकार का सख्त संदेश
राज्य की भाजपा सरकार ने इस कार्रवाई के माध्यम से यह संकेत दिया है कि सरकारी या गौचर भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध धार्मिक ढांचे को अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय स्तर पर स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है और प्रशासन ने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
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