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Friday, October 23, 2026
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अनोखा मंदिर: साल में सिर्फ पांच घंटे के लिए ही खुलता है यह मंदिर, जानिए क्यों ?

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आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप में बेहद अनोखा है। खास बात ये है कि यह मंदिर साल में सिर्फ पांच घंटे के लिए ही खुलता है। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के निरई माता का चैत्र नवरात्रि में केवल एक विशेष दिन ही 5 घंटे यानी सुबह 4 बजे से 9 बजे तक माता के दर्शन किए जा सकते हैं।

दरअसल हम बात कर रहे हैं निरई माता मंदिर की। यह मंदिर छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर स्थित है। निरई माता के मंदिर में सिंदूर, सुहाग, श्रृंगार, कुमकुम, गुलाल, बंदन नहीं चढ़ाया जाता बल्कि नारियल और अगरबत्ती से माता को प्रसन्न किया जाता है। आमतौर पर मंदिरों में जहां दिन भर देवी-देवताओं की पूजा होती है, तो वहीं निरई माता के मंदिर में चैत्र नवरात्रि में केवल एक विशेष दिन ही 5 घंटे यानी सुबह 4 बजे से 9 बजे तक माता के दर्शन किए जा सकते हैं। बाकी दिनों में यहां आना प्रतिबंधित होता है। जब भी यह मंदिर खुलता है, यहां माता के दर्शन के लिए हजारों लोग पहुंचते हैं।
कहते हैं कि निरई माता मंदिर में हर साल चैत्र नवरात्र के दौरान अपने आप ही ज्योति प्रज्जवलित होती है। यह चमत्कार कैसे होता है, यह आज तक पहेली ही बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह निरई देवी का ही चमत्कार है कि बिना तेल के ज्योति नौ दिनों तक जलती रहती है। निरई माता मंदिर में महिलाओं को प्रवेश और पूजा-पाठ की इजाजत नहीं है। यहां सिर्फ पुरुष ही पूजा-पाठ की रीतियों को निभाते हैं।

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