29 C
Mumbai
Thursday, January 15, 2026
होमधर्म संस्कृतिश्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, एडमिशन विवाद के...

श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द, एडमिशन विवाद के बाद NMC का फैसला

Google News Follow

Related

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने जम्मू स्थित श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी है। आयोग ने इस कार्रवाई का कारण न्यूनतम मानकों के गंभीर उल्लंघन को बताया है। NMC के अनुसार, कॉलेज में वर्तमान में अध्ययनरत एमबीबीएस छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

यह मेडिकल कॉलेज पहले से ही एक बड़े एडमिशन विवाद के कारण चर्चा में रहा है। आरोप थे कि कॉलेज की 50 एमबीबीएस सीटों में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को दी गईं, जबकि हिंदू और केशधारी हिंदू (सिख) समुदाय को आठ सीट मिली। इस एडमिशन लिस्ट के सामने आने के बाद जम्मू क्षेत्र में विरोध तेज़ हो गया था और कई हिंदू संगठनों ने इसे पक्षपातपूर्ण बताया था।

विरोध कर रहे संगठनों का तर्क था कि यह मेडिकल कॉलेज श्री माता वैष्णो देवी श्राइन के चढ़ावे से संचालित होता है, इसलिए इसमें हिंदू छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। इसी मुद्दे पर श्री माता वैष्णो देवी संघर्ष समिति सक्रिय हुई, जिसमें करीब 60 सामाजिक संगठन एकसाथ आए हैं। समिति ने शुरुआत में एडमिशन लिस्ट रद्द करने की मांग की थी। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो उन्होंने कॉलेज को ही बंद करने पर ज़ोर देना शुरू कर दिया।

संघर्ष समिति का कहना था कि माता वैष्णो देवी श्राइन के चढ़ावे से मिलने वाले संसाधनों का लाभ मुख्य रूप से हिंदू समुदाय को मिलना चाहिए। समिति के अनुसार, मौजूदा व्यवस्था से सामाजिक तनाव बढ़ने का खतरा था और भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी बिगड़ सकती थी।

इस विवाद के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी मेडिकल कॉलेज को बंद करने का सुझाव दिया था। उन्होंने कहा, “बेहतर है कि इस मेडिकल कॉलेज को बंद कर दिया जाए। मैं चाहता हूं कि स्वास्थ्य मंत्रालय इन छात्रों के लिए अन्य कॉलेजों में पढ़ाई की व्यवस्था करे।” मुख्यमंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस और तेज़ हो गई थी।

हालांकि NMC ने अपनी आधिकारिक कार्रवाई में कॉलेज की मान्यता रद्द करने को केवल नियमों और मानकों के उल्लंघन से जोड़ा है, लेकिन कई लोग इसे संघर्ष समिति और विरोध कर रहे संगठनों की जीत के रूप में देख रहे हैं। समिति के एक सदस्य ने कहा, “कॉलेज बंद करना सबसे अच्छा विकल्प था, वरना आगे बड़ी समस्याएं खड़ी हो जातीं।”

फिलहाल, मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त कॉलेजों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। NMC का कहना है कि छात्रों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने मेडिकल शिक्षा, धार्मिक आस्थाओं से जुड़े संस्थानों और आरक्षण या प्राथमिकता जैसे मुद्दों पर एक नई बहस छेड़ दी है।

यह भी पढ़ें:

ट्रंप का दावा: वेनेज़ुएला से अमेरिका को मिलेंगे तेल के 3 से 5 करोड़ बैरल-“पैसा मेरे नियंत्रण में रहेगा”

“T20 वर्ल्ड कप के लिए इंडिया जाओ वरना पॉइंट्स गंवाओ!”

निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद ट्रंप को सता रहा ‘महाभियोग’ का डर

National Stock Exchange

लेखक से अधिक

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

The reCAPTCHA verification period has expired. Please reload the page.

Star Housing Finance Limited

हमें फॉलो करें

151,424फैंसलाइक करें
526फॉलोवरफॉलो करें
287,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

अन्य लेटेस्ट खबरें