केरल कैथोलिक बिशप्स काउंसिल (KCBC) ने केरल के सभी सांसदों से केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए वक्फ (संशोधन) विधेयक का समर्थन करने की अपील की है। काउंसिल ने कहा कि यह विधेयक मुन्नंबम भूमि विवाद में न्याय दिलाने के लिए आवश्यक है।
केसीबीसी के अध्यक्ष कार्डिनल बेसिलियोस क्लीमिस कैथोलिकोस, उपाध्यक्ष बिशप पाउली कन्नूकाडन और महासचिव बिशप एलेक्स वडकुमथला ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि मौजूदा वक्फ कानून में असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण प्रावधान हैं, जिनमें संशोधन जरूरी है।
केरल राज्य वक्फ बोर्ड ने मुन्नंबम में करीब 404 एकड़ भूमि पर दावा किया है, जहां 600 से अधिक परिवार रहते हैं। इनमें ज्यादातर लैटिन कैथोलिक समुदाय के ईसाई और पिछड़े वर्गों के हिंदू शामिल हैं, जो इस भूमि पर दशकों से रह रहे हैं और इसे कानूनी रूप से फारूक कॉलेज से खरीदा था।
फारूक कॉलेज ने पुष्टि की है कि उसे यह भूमि दान में मिली थी, जिसे बाद में उसने बेच दिया। बावजूद इसके, वक्फ बोर्ड मौजूदा कानूनों का हवाला देकर इस पर दावा कर रहा है। केसीबीसी का मानना है कि इस तरह के भूमि विवादों को रोकने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए कानून में संशोधन जरूरी है।
यह भी पढ़ें:
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का जींद-सोनीपत रूट पर ट्रायल रन शुरू
NIA ने मानव तस्करी के मुख्य आरोपी को किया गिरफ्तार; डंकी रूट से लोगों भेजता था अमेरिका !
गौतमबुद्धनगर में ईद उल-फितर के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा था कि सरकार मौजूदा बजट सत्र में वक्फ संशोधन विधेयक पेश करेगी। इस विधेयक के तहत, भूमि विवादों को सुलझाने का अधिकार केवल न्यायालयों को दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित हो सकेगा। इस विधेयक का मुस्लिम संगठनों द्वारा व्यापक विरोध किया जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसे “मुस्लिम धर्मस्थलों और दान संस्थानों पर साजिश” करार दिया है। हाल ही में, रमज़ान के अंतिम शुक्रवार को देशभर में मुस्लिम समुदाय ने काले पट्टे बांधकर इसका विरोध जताया था।