ICC पुरुष अंडर-19 विश्व कप 2026 के फाइनल में भारत के 15 वर्षीय बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने युवा क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए खिताबी मुकाबले में सूर्यवंशी ने मात्र 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल रहे। उनकी इस असाधारण पारी ने भारत को एक विशाल स्कोर तक पहुँचाया और टीम को खिताब जीतने की मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
फाइनल जैसे दबाव भरे मुकाबले में इतनी कम उम्र के खिलाड़ी द्वारा इस स्तर की आक्रामकता और मैच-समझ का प्रदर्शन असाधारण माना जा रहा है। सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही इंग्लैंड के गेंदबाज़ों पर दबाव बना दिया। उन्होंने तेज़ गेंदबाज़ों और स्पिनर्स, दोनों के खिलाफ संतुलित लेकिन आक्रामक रवैया अपनाया। ढीली गेंदों को बाउंड्री के पार भेजने में वह बिल्कुल नहीं चूके, सिंगल-डबल लेकर स्ट्राइक रोटेशन भी बखूबी करते रहे। 175 रन पर उनका आउट होना भारत की लय को रोक नहीं सका, क्योंकि उनके द्वारा दिया गया मजबूत मंच मध्यक्रम के बल्लेबाज़ों के लिए पर्याप्त साबित हुआ, जिन्होंने स्कोर को और आगे बढ़ाया।
भारत द्वारा बोर्ड पर विशाल स्कोर टांगे जाने के बाद, यह स्पष्ट हो गया कि सूर्यवंशी की यह पारी फाइनल की दिशा तय करने वाली साबित हो सकती है। यह प्रदर्शन भारत को खिताब के करीब ले गया है वैभव सूर्यवंशी को विश्व क्रिकेट के सबसे प्रतिभाशाली उभरते खिलाड़ियों की सूची में भी शामिल कर गया है।
इस बीच, टूर्नामेंट से जुड़ा एक अन्य घटनाक्रम भी चर्चा में रहा। 1 फरवरी 2026 को जिम्बाब्वे के बुलावायो स्थित क्वीन्स स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर सिक्स मुकाबले में भारत और पाकिस्तान अंडर-19 टीमों के बीच टॉस के दौरान भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष से पारंपरिक प्री-मैच हैंडशेक नहीं किया। इस कदम ने पहले से ही तीव्र मानी जाने वाली भारत-पाकिस्तान प्रतिद्वंद्विता में एक और परत जोड़ दी।
हालांकि, उस मुकाबले में ऑफ-फील्ड घटनाओं के बावजूद ध्यान जल्द ही खेल पर लौट आया था। फाइनल में वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी ने यह साफ कर दिया कि भारत की अंडर-19 टीम केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि बड़े मंच पर दबाव संभालने की क्षमता भी रखती है।
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