केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रीय खेल संचालन विधेयक को लेकर देशभर में प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, और इस पर हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम ने इसे युवाओं के लिए एक अच्छा नवाचार करार दिया है। उन्होंने कहा कि यदि यह विधेयक संसद में पारित होता है, तो यह भारतीय खेल ढांचे में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को बढ़ावा देगा।
गौरव गौतम ने मीडिया से बातचीत में कहा, “अगर सरकार यह फैसला लेती है, तो बहुत अच्छा निर्णय होगा। यह युवाओं के लिए एक अच्छा नवाचार होगा। विधेयक के लिए मैं सरकार को शुभकामनाएं देता हूं।”
सरकार की योजना है कि इस विधेयक के माध्यम से अब तक सरकारी नियमों से बाहर रहे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भी उसी तरह के दायरे में लाया जाए, जैसे अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघ (NSFs) आते हैं। जब यह कानून प्रभावी होगा, तब बीसीसीआई को भी सरकार द्वारा निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना पड़ेगा। खेल मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, विधेयक को मौजूदा मानसून सत्र में ही संसद में पेश किया जा सकता है। इसका उद्देश्य देश में खेलों के संचालन को एक सुसंगठित और उत्तरदायी ढांचे के तहत लाना है।
पूर्व क्रिकेटर और राजनेता लक्ष्मी रतन शुक्ला ने भी विधेयक के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया। उन्होंने कहा, “चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, अगर फैसला अच्छा हो, तो उसे सभी को मानना पड़ेगा। फिलहाल हमें इस बिल को डिटेल में देखने की जरूरत है। सरकार जैसा भी फैसला करे, उसे स्वीकार करना ही होगा।” राष्ट्रीय खेल विधेयक की प्रक्रिया अक्टूबर 2024 से चल रही है। इसका मुख्य उद्देश्य है – देश में खेलों का विकास और संवर्धन, नैतिक प्रथाओं का पालन, और खिलाड़ियों के कल्याण से जुड़े उपाय सुनिश्चित करना।
इस विधेयक में यह भी प्रावधान है कि खेल संबंधी शिकायतों और विवादों का एक एकीकृत, न्यायसंगत और प्रभावी समाधान तंत्र स्थापित किया जाए, जिससे खिलाड़ियों और खेल संगठनों को उचित न्याय मिल सके।
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