भारत और इंग्लैंड (Ind vs Eng) के बीच अभी तीन मैचों की ODI सीरीज़ चल रही है। इस सीरीज़ का दूसरा ODI कल कार्डिफ़ में खेला गया। इस मैच में इंग्लैंड ने भारत को 4 विकेट से हरा दिया। इस हार के बाद सीरीज़ 1-1 से बराबर है और अब लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा ODI निर्णायक होगा। इस बीच, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ओपनर रोहित शर्मा के रिटायरमेंट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि, लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा और निर्णायक ODI मैच रोहित शर्मा का भारत के लिए आखिरी इंटरनेशनल मैच हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय सिलेक्शन कमिटी ने 2027 ODI वर्ल्ड कप को देखते हुए नए खिलाड़ियों को मौका देने का फैसला किया है, और यह बात सामने आई है कि रोहित शर्मा को बताया गया है कि वह भविष्य की योजनाओं का हिस्सा नहीं हैं। इसलिए, इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा ODI सीरीज़ उनके इंटरनेशनल करियर की आखिरी सीरीज़ हो सकती है। हालांकि, BCCI की तरफ से अभी तक रोहित शर्मा के रिटायरमेंट या टीम से बाहर होने को लेकर कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं किया गया है। हालांकि, खबर है कि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने रोहित शर्मा को बताया है कि वह उनके फ्यूचर प्लान का हिस्सा नहीं हैं।
इस बीच, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ी, जो किसी भी पल मैच का नतीजा अपने पक्ष में करने की काबिलियत रखते हैं, उन्हें अचानक फ्यूचर प्लान से बाहर क्यों किया जा रहा है? इसके तीन मुख्य कारण सामने आए हैं।
1. फिटनेस- रोहित शर्मा के फ्यूचर को लेकर शक की मुख्य वजह उनकी फिटनेस है। हालांकि उन्होंने पिछले साल अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है और वजन कम किया है, लेकिन चोटों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा है। 2026 IPL के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग इंजरी हो गई थी, जिसकी वजह से वह पांच मैच नहीं खेल पाए थे। तब से, अफगानिस्तान के खिलाफ ODI सीरीज से पहले भी उनकी फिटनेस लगातार चर्चा का विषय रही है। नतीजतन, उनका लंबे समय तक उपलब्ध रहना सिलेक्टर्स के लिए चिंता का विषय बन गया है।
2. फॉर्म की दिक्कत- फिटनेस के अलावा, रोहित शर्मा की हालिया बैटिंग परफॉर्मेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। 2026 में ODI क्रिकेट में उनका परफॉर्मेंस उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले दो ODI मैचों में से किसी में भी वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए हैं। इस साल उन्होंने आठ पारियों में 30.12 की एवरेज से सिर्फ 241 रन बनाए हैं। इसके अलावा, कप्तानी छोड़ने के बाद से उनका स्ट्राइक रेट लगातार कम हुआ है। पावरप्ले में वह 120 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बैटिंग करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा 90 से नीचे आ गया है।
3. युवा खिलाड़ियों की चुनौती- रोहित शर्मा के सामने तीसरी बड़ी चुनौती टीम इंडिया के लिए मौजूद युवा खिलाड़ी हैं। यशस्वी जायसवाल ने ओपनिंग स्पॉट के लिए मजबूत दावेदारी पेश की है। उन्होंने सिर्फ छह ODI मैचों में दो सेंचुरी बनाई हैं और उनका एवरेज 70 से ज्यादा है। वहीं, ईशान किशन ने भी ODI टीम में वापसी की है; उनके नाम 45 से ज्यादा की एवरेज से 1092 रन और एक डबल सेंचुरी है। विकेटकीपर-बल्लेबाज के तौर पर उनकी अतिरिक्त उपयोगिता उनके चयन के दावे को और मजबूत करती है। इसे देखते हुए, टीम मैनेजमेंट भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं पर भरोसा जताने को उत्सुक है।
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