लंबे समय से इंतजार कर रही दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट टीम ने एडन मारक्रम की ऐतिहासिक शतकीय पारी के दम पर आखिरकार अपना पहला आईसीसी विश्व खिताब जीत लिया। शनिवार को खेले गए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में दक्षिण अफ्रीका ने गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को पांच विकेट से हराकर इतिहास रच दिया।
लक्ष्य था 282 रन का और दबाव था आईसीसी खिताब की सबसे बड़ी चुनौती का, लेकिन एडन मारक्रम ने इसे अपनी काबिलियत और आत्मविश्वास से अवसर में बदल दिया। उन्होंने 207 गेंदों पर 14 चौकों की मदद से 136 रनों की अविस्मरणीय पारी खेली, जिसने न केवल ऑस्ट्रेलिया को स्तब्ध किया, बल्कि दक्षिण अफ्रीका को जीत के मुहाने तक पहुँचा दिया।
शुक्रवार (13 जून) को 102 रन पर नाबाद लौटे मारक्रम ने शनिवार (14 जून)को भी संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया और जब 276 रन के स्कोर पर आउट हुए, तब तक दक्षिण अफ्रीका जीत से सिर्फ छह रन दूर था। उनकी इस पारी के बाद विरोधी टीम के खिलाड़ी भी उनके पास जाकर सराहना व्यक्त करने पर मजबूर हो गए।
मैच की शुरुआत दक्षिण अफ्रीका के लिए निराशाजनक रही थी। टीम पहली पारी में सिर्फ 138 रन पर सिमट गई थी, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 212 रन बनाकर 74 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। लेकिन दूसरी पारी में अफ्रीकी गेंदबाजों ने वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ 207 रन पर समेट दिया, जिससे जीत के लिए 282 रनों का लक्ष्य मिला।
मारक्रम के आउट होने के बाद डेविड बेडिंघम (नाबाद 21) और काइल वेरेन (नाबाद 4) ने संयम के साथ जीत की औपचारिकता पूरी की। जैसे ही जीत का रन बना, लॉर्ड्स की पवित्र धरती पर दक्षिण अफ्रीकी ड्रेसिंग रूम में खुशी का तूफान उमड़ पड़ा। यह वह खिताब था, जो दशकों से दक्षिण अफ्रीका की क्रिकेट आत्मा को तरसा रहा था।
यह जीत केवल एक टूर्नामेंट की ट्रॉफी नहीं, बल्कि दक्षिण अफ्रीका के क्रिकेट इतिहास में एक नई सुबह का प्रतीक है। आईसीसी टूर्नामेंटों में बार-बार नाकामी झेलने वाली इस टीम ने अब दिखा दिया कि वे भी बड़े मंच पर न सिर्फ लड़ सकते हैं, बल्कि जीत भी सकते हैं।
एडन मारक्रम की यह पारी न केवल व्यक्तिगत शिखर है, बल्कि एक राष्ट्र की लंबे समय से दबी क्रिकेटीय लालसा की पूर्ति भी है। इस जीत ने दक्षिण अफ्रीका को क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित सूची में शामिल कर दिया है—आईसीसी विश्व चैंपियनों की सूची में।
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