T20 विश्व कप 2026 से पहले भारत अपना इकलौता वार्म-अप मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बुधवार (4 फरवरी) को नवी मुंबई में खेलने जा रहा है। आज शाम 7 बजे शुरू होने वाला यह मैच स्टार स्पोर्ट्स पर प्रसारित होगा। वैसे तो यह वार्म-अप मुकाबला है, लेकिन संजू सैमसन के लिए आखरी मौका भी साबित हो सकता है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ हाल ही में पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला 4-1 से जीतने के बावजूद टीम प्रबंधन के सामने कुछ ऐसी पहेलियां हैं, जिन्हें सुलझाना जरूरी है। इनमें सबसे बड़ा और सबसे असहज सवाल संजू सैमसन को लेकर है।
संजू सैमसन एक बार फिर उसी स्थिति में हैं, जहां उन्हें अपनी जगह बचाने के लिए प्रदर्शन की सख्त जरूरत है। न्यूज़ीलैंड के खिलाफ T20I सीरीज में उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ़ 46 रन बनाए, जिनमें तीन बार वह दस का आंकड़ा भी पार नहीं कर सके। यह किसी भारतीय ओपनर का, जिसने पूरी पांच मैचों की श्रृंखला खेली हो, सबसे कम स्कोर रहा।
समस्या सिर्फ़ उनका व्यक्तिगत खराब फॉर्म नहीं है, बल्की उनके प्रतिस्पर्धी की योग्यता है। ईशान किशन ने जबरदस्त वापसी की है। विश्व कप टीम में देर से शामिल किए गए किशन ने न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 215 रन बनाए, औसत 50 से ऊपर और स्ट्राइक रेट 231.18 रहा। श्रृंखला का समापन उन्होंने तिरुवनंतपुरम में शतक के साथ किया, जिसने चयन बहस को और तीखा बना दिया।
सैमसन का करियर लंबे समय से चयन की उठापटक से प्रभावित रहा है। एशिया कप में उन्हें ओपनिंग से हटाकर मिडिल ऑर्डर में भेजा गया, फिर कुछ ही हफ्तों बाद दोबारा ओपनर बनाया गया। इस लगातार बदलाव ने उनके खेल में स्थिरता नहीं आने दी। हालांकि टीम प्रबंधन अब भी उन पर भरोसा जताता दिख रहा है, लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव के न्यूज़ीलैंड सीरीज के बाद ईशान किशन की तारीफ भरे बयान ने संकेत दे दिए हैं कि प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यह वार्म-अप मैच सैमसन के लिए शायद आखिरी मौका हो सकता है। एक ठोस अर्धशतक या निर्णायक पारी उन्हें शुरुआती एकादश में बनाए रख सकती है। लेकिन एक और नाकामी उनके लिए दरवाज़ा बंद कर सकती है।
इस मैच में तिलक वर्मा की वापसी पर भी नजर रहेगी। टेस्टिकुलर टॉर्शन सर्जरी के बाद वह फिट होकर लौटे हैं और 2 फरवरी को भारत-ए के लिए अमेरिका के खिलाफ 24 गेंदों में 38 रन बना चुके हैं। मिडिल ऑर्डर में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। वहीं, वॉशिंगटन सुंदर की फिटनेस चिंता का विषय बनी हुई है। पसली की चोट से उबर रहे सुंदर अगर समय पर फिट नहीं होते, तो टीम को उनके विकल्प पर विचार करना होगा। ऐसे में रियान पराग और आयुष बडोनी जैसे खिलाड़ी रडार पर हैं।
दक्षिण अफ्रीका भी लगभग फुल-स्ट्रेंथ टीम के साथ उतरने के इरादे से आएगा। एनरिक नॉर्खिया और कगिसो रबाडा की वापसी से उनका गेंदबाजी आक्रमण मजबूत हुआ है, और वे विश्व कप से पहले भारत के खिलाफ खुद को परखना चाहेंगे।कुल मिलाकर, यह वार्म-अप मुकाबला सिर्फ़ अभ्यास नहीं, बल्कि भारतीय टीम के भीतर चल रही चयन की जंग का अहम अध्याय है और संजू सैमसन के लिए यह शायद ‘अब नहीं तो कभी नहीं’ का क्षण।
यह भी पढ़ें:
एसआईआर विवाद पर ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं, खुद पक्ष रखने की मांग!
संसद में राहुल गांधी और रवनीत बिट्टू आमने-सामने, तीखी बहस!
भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद, कंज्यूमर और एनर्जी स्टॉक्स में खरीदारी!



