धर्मांतरण रोकने के लिए शुरू किये गए विद्यालय को आप के सहयोग की जरूरत

धर्मांतरण रोकने के लिए शुरू किये गए विद्यालय को आप के सहयोग की जरूरत

The school started to stop religious conversions needs your support.

माय होम इंडिया संस्थापक और भारतीय जनता पार्टी के नेता सुनील देवधर के एक छोटे विद्यालय को सहायता की जरूरत है। गुरुवार (19 फरवरी) को सुनील देवधर ने अपने एक्स हैंडल से माओ करनोट के इस विद्यालय का उद्घाटन कर जानकारी दी। इस विद्यालय की स्थापना स्थानीय सनातन धर्म से आने वाले विद्यार्थियों को धर्मांतरण से बचाने और शिक्षित करने के हेतु से हुई थी।

दरअसल कोविड-19 की महामारी के दरम्यान माओ करनोट के विद्यार्थियों को दूर दराज के फ्लांग तंगुर गांव तक पैदल जाना पड़ता था। कोविड में लोकडाउन के बीच बच्चों को पैदल चलके जाना संभव नहीं था, जिससे बच्चों की पढाई बंद पड़ चुकी थी। दौरान राष्टीय महिला आयोग की सदस्या और अधिवक्ता डेलीना ख़्वांगडूब ने बच्चों की शिक्षा शुरू करने के लिए विद्यालय शुरू करने की सोची। वहीं गाँव के एक बुजुर्ग व्यक्ती ब्वा खोंगवेट ने अपनी झोंपड़ी दान की, जिसमें डेलीना ख़्वांगडूब ने बच्चों को पढ़ना शुरू किया। 

दौरान राष्ट्रिय महिला आयोग की सदस्या बनने के बाद डेलीना ख़्वांगडूब अपने वेतन को दान में देकर ने गाँव में स्कुल बनवाया, जिसका भाजपा नेता सुनील देवधर द्वारा उद्घाटन किया गया। दौरान भाजपा नेता ने कहा, “यह सनातन धर्म (जिसे स्थानीय निअम तंद्राय) के विद्यार्थियों की रक्षा के लिए उन्हें धर्मांतरण से बचाने के लिए ऐसे सैकड़ों बच्चों को विद्यालय में पढ़ाना है। इस स्कुल को बहुत बड़ा करना है। आज तक राष्ट्रिय महिला आयोग की सद्स्या अपने वेतन से विद्यालय को खड़ा किया। इसीलिए मेघालय में धर्मांतरण के तूफ़ान को रोकने के लिए, स्वधर्म की रक्षा करने के लिए जो कार्य चल रहा है उसमें आर्थिक योगदान दीजिए।”

 

यह भी पढ़ें:

बच्चों को ऑर्डर नहीं, ऑप्शन दीजिए, इशिता दत्ता ने दी आसान पेरेंटिंग टिप्स

एक पल का गुस्सा बिगाड़ सकता है सेहत, आयुर्वेद से जानें क्रोध प्रबंधन के आसान उपाय

गुनगुने नींबू पानी से लेकर जीरा पानी तक, इन देसी ड्रिंक्स से तेजी से घटेगा वजन

Exit mobile version