टेक उद्योग के दिग्गज और डोनाल्ड ट्रम्प के साथ काम कर चुके दिग्गज उद्योगपति एलन मस्क ने शुक्रवार (6 जून) को चेतावनी दी कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित नए व्यापार टैरिफ इस साल की दूसरी छमाही में आर्थिक मंदी की वजह बन सकते हैं।
टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ मस्क ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर स्पष्ट शब्दों में लिखा,
“ट्रंप टैरिफ इस साल की दूसरी छमाही में मंदी का कारण बनेगा। अगर अमेरिका की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाती है, तो बाकी कुछ भी मायने नहीं रखता।”
यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब मस्क और ट्रंप के बीच राजनीतिक और निजी टकराव खुलकर सामने आ चुका है। इस तनाव का असर अमेरिका के वित्तीय बाजारों पर भी पड़ा है। गुरुवार (5 जून) को टेस्ला के शेयरों में 14 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जिससे कंपनी की मार्केट वैल्यू करीब 150 अरब डॉलर घट गई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने भी पलटवार करते हुए कहा कि सरकार को मस्क को मिलने वाले सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और सब्सिडी समाप्त कर देनी चाहिए, जिससे देश का खर्च कम किया जा सके। इसके जवाब में मस्क ने कटाक्ष करते हुए कहा,
‘मेरे सरकारी अनुबंधों को रद्द करने के बारे में राष्ट्रपति के बयान के मद्देनजर, स्पेसएक्स अपने ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को तुरंत बंद करना शुरू कर देगा।’
मस्क ने ट्रंप पर ‘कृतघ्नता’ का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उन्होंने ट्रंप को 250 मिलियन डॉलर से ज्यादा की मदद दी थी, जिससे वे पिछला चुनाव जीत सके। मस्क ने कहा, “कुछ बातें ध्यान देने लायक हैं, ट्रंप के पास राष्ट्रपति के रूप में साढ़े तीन साल बचे हैं, लेकिन मैं 40 से ज्यादा साल तक रहूंगा।”
मस्क ने ट्रंप की आर्थिक नीतियों की भी आलोचना की, खासकर टैक्स कट और खर्च योजनाओं पर। इसके जवाब में ट्रंप ने मस्क पर ‘निराशा’ जताई, जिसके जवाब में मस्क ने सिर्फ इतना लिखा, “जो भी हो।”
ट्रंप और मस्क के बीच यह सीधा टकराव न केवल राजनीतिक बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी असर डाल सकता है। जहां एक ओर मस्क अमेरिका में मंदी की आशंका जता रहे हैं, वहीं ट्रंप की आक्रामक प्रतिक्रिया से यह विवाद और गहराने की संभावना है। अब देखना होगा कि आर्थिक नीति और सत्ता संघर्ष की यह लड़ाई अमेरिकी बाजार और जनता को किस दिशा में लेकर जाती है।
यह भी पढ़ें:
चिन्नास्वामी भगदड़: हल्का खून हवालदार का; बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर निलंबित
लखनऊ: बच्ची से बलात्कार का आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर
ओम बिरला और ईरानी स्पीकर की मुलाकात, चाबहार बंदरगाह का उठा मुद्दा !



