राऊत ने यह भी कहा कि भारत के सैन्य प्रतिष्ठानों को हाल के महीनों में साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है, और यह भी एक संगठित साइबर साजिश हो सकती है।
अहमदाबाद से लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 हादसे का शिकार हो गई। दोपहर 1:38 बजे टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद हुए इस हादसे में विमान में सवार 242 यात्रियों में से 241 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल अवस्था में जीवित बच पाया है।
विमान में सवार यात्रियों में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 1 कनाडाई और 7 पुर्तगाली नागरिक शामिल थे। यह विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था, जो गैटविक (लंदन) के लिए रवाना हुआ था।
‘यूबीठा’ सांसद संजय राऊत ने बोईंग विमान के दुर्घटना को लेकर गंभीर सवाल किये गए हैं, जिसमें “अहमदाबाद हवाई अड्डे का रखरखाव किसके पास था? यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े सिस्टम की निगरानी कौन कर रहा था? और बोइंग डील का जब भाजपा विरोध कर रही थी, तब यह समझौता कैसे हुआ?
दुर्घटनास्थल से मिले अशेष शवों की पहचान के लिए डीएनए मिलान प्रक्रिया शुरू की गई है। गुजरात सरकार के अनुसार, फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी और केंद्र सरकार के विशेषज्ञ इस काम में जुटे हैं।
गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि “हर परिवार से डीएनए नमूने लेकर प्रक्रिया को तेज़ी से पूरा किया जा रहा है ताकि पीड़ित परिवारों को उनके प्रियजनों का सम्मानजनक अंतिम संस्कार करने का अधिकार मिल सके।”
इस हादसे के बाद महाराष्ट्र के परभणी निवासी और 1993 के एक विमान हादसे के एकमात्र जीवित बचे यात्री, वसंत चव्हाण ने पुराने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं केवल तकनीकी खामियों से नहीं होतीं, बल्कि मानव लापरवाही, रखरखाव की चूक, और प्रणालियों की विफलता का भी परिणाम हो सकती हैं।
AI-171 हादसे ने देशभर में गहरा शोक और चिंता पैदा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत सभी प्रमुख दलों और अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। एयर इंडिया ने मृतकों के परिवारों को अंतरिम सहायता राशि और विस्तृत मुआवजे की योजना घोषित की है।
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