खास बात यह है कि योग के कई आसन ऐसे हैं, जिन्हें घर बैठे ही बहुत आसानी से किया जा सकता है। इन्हीं में से एक है ‘उत्तानपादासन’। मंगलवार को आयुष मंत्रालय ने भी इस आसन को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया, जिसमें तस्वीरों के जरिए इसे करने की सही विधि बताई गई और इसके फायदों के बारे में विस्तार से बताया गया।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, उत्तानपादासन करने से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और नाभि केंद्र का संतुलन बना रहता है। यह न केवल पाचन संबंधी परेशानियों से राहत देता है, बल्कि मन को भी शांत करता है और चिंता को दूर करता है। यह आसन खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद बताया गया है जो अक्सर अपच, गैस, या पेट दर्द जैसी दिक्कतों से जूझते हैं।
जब हम इस आसन को करते हैं, तो हमारे पेट और पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है। इससे मांसपेशियों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और वे मजबूत बनती हैं। इसका असर सीधा पाचन तंत्र पर पड़ता है।
उत्तानपादासन से केवल शरीर को ही नहीं, मन को भी शांति मिलती है। जब हम धीरे-धीरे सांस लेते और छोड़ते हैं, तो दिमाग को आराम मिलता है। यह तरीका हमारे नर्वस सिस्टम पर सकारात्मक असर डालता है और तनाव कम करता है। पढ़ाई या ऑफिस के तनाव से जूझ रहे लोगों के लिए यह आसन मन को स्थिर रखने में मदद करता है।
हालांकि, आयुष मंत्रालय ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि यदि किसी को ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन या पीठ में दर्द की समस्या है, तो उन्हें यह आसन बड़े ही सावधानी से करना चाहिए ताकि शरीर पर ज्यादा दबाव न पड़े और आसन का लाभ भी मिल जाए। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और हाल में पेट की सर्जरी करवा चुके लोगों को भी यह आसन करने से बचना चाहिए।
उत्तानपादासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं, दोनों हाथ शरीर के पास रखें और हथेलियां नीचे की तरफ होनी चाहिए। फिर एक गहरी सांस लेते हुए धीरे-धीरे दोनों पैरों को करीब 30 से 45 डिग्री तक ऊपर उठाएं। कुछ समय तक इसी स्थिति में रुकें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं।



