बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर विपक्षी महागठबंधन ने आखिरकार सीटों का बंटवारा तय कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को सबसे अधिक 135 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस 61 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को 16 सीटें दी गई हैं, वहीं वाम दलों में भाकपा, माकपा और भाकपा (माले को 29 से 31 सीटों पर चुनाव लड़ने का अवसर दिया गया है।
इस बंटवारे के साथ ही महागठबंधन में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने पर भी सहमति बन गई है। कांग्रेस ने उनके नेतृत्व पर अपनी सहमति जताई है। हालांकि उपमुख्यमंत्री पद को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने अपने लिए इस पद की मांग ज़रूर की, लेकिन इसे दबाव की रणनीति माना जा रहा है।
2020 के विधानसभा चुनावों में राजद ने 144 सीटों पर लड़कर 75 सीटें जीती थीं और सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। इस बार पार्टी ने सीटों की संख्या घटाकर रणनीतिक लचीलापन दिखाया है। कांग्रेस भी पिछली बार की तुलना में कम सीटों पर मैदान में उतरेगी; 2020 में उसने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 19 पर जीत दर्ज की थी।
तेजस्वी यादव ने सीट बंटवारे पर कहा कि “महागठबंधन पहले से अधिक एकजुट है। एनडीए में मतभेद की खबरों से हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। बिहार की जनता बदलाव चाहती है और इस बार महागठबंधन की सरकार बनेगी।” उन्होंने दावा किया कि 14 नवंबर के बाद बिहार से बेरोजगारी जैसी समस्याएं कम होना शुरू हो जाएंगी।
तेजस्वी ने संकेत दिया कि सीट बंटवारे का आधिकारिक ऐलान एक-दो दिनों में कर दिया जाएगा। वहीं मुकेश सहनी ने कहा कि “महागठबंधन पूरी मजबूती से चुनाव मैदान में है और इस बार बिहार में बदलाव तय है।”
यह भी पढ़ें-
पश्चिमी सिंहभूम में नक्सलियों का तांडव, तीन दिन में दूसरा हमला!



