कैरिबियन क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच वेनेजुएला के तेल निर्यात में तेज गिरावट दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका द्वारा इस सप्ताह एक तेल टैंकर जब्त किए जाने और वेनेजुएला के साथ कारोबार करने वाली शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद यह गिरावट सामने आई है। रॉयटर्स द्वारा समीक्षा किए गए आंकड़ों में इस कमी की पुष्टि होती है।
बुधवार (17 दिसंबर) को वेनेजुएला के तट के पास ‘स्किपर’ टैंकर की जब्ती अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल कार्गो को पकड़ने की पहली घटना बताई जा रही है। व्हाइट हाउस ने कहा कि जिस जहाज को जब्त किया गया, उस पर प्रतिबंध 2019 में ही लगाए जा चुके थे, लेकिन टैंकर की वास्तविक जब्ती ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो सरकार के बीच तनाव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, टैंकर जब्ती के बाद से अब तक केवल अमेरिकी तेल कंपनी शेवरॉन द्वारा चार्टर किए गए जहाज ही वेनेजुएला का कच्चा तेल लेकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पहुंचे हैं। उल्लेखनीय है कि शेवरॉन को अमेरिकी सरकार से विशेष अनुमति प्राप्त है, जिसके तहत वह वेनेजुएला में संयुक्त उपक्रमों के माध्यम से काम कर सकती है और तेल का निर्यात अमेरिका कर सकती है।
रॉयटर्स से जुड़े सूत्रों ने बताया कि करीब 1.1 करोड़ बैरल तेल और ईंधन लेकर लदे अन्य टैंकर अब भी वेनेजुएला के जलक्षेत्र में फंसे हुए हैं। अमेरिका की अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने इस सप्ताह कहा कि स्किपर टैंकर को जब्ती वारंट के तहत रोका गया और कब्जे में लिया गया। वहीं, गुयाना की समुद्री प्राधिकरण ने दावा किया कि यह जहाज गलत तरीके से गुयाना का झंडा फहरा रहा था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब्त किया गया टैंकर अब ह्यूस्टन की ओर बढ़ रहा है, जहां उसका कार्गो छोटे जहाजों में स्थानांतरित किया जाएगा। वॉशिंगटन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह वेनेजुएला का तेल ले जा रहे और भी जहाजों को रोकने की योजना बना रहा है।
इस बीच, वेनेजुएला सरकार ने टैंकर की जब्ती की कड़ी निंदा करते हुए इसे खुली लूट और अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती बताया है। कराकस ने कहा है कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगा। साथ ही, वेनेजुएला के सांसदों ने एक कदम और आगे बढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) से देश को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो फिलहाल वेनेजुएला में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों की जांच कर रहा है।
दौरान इस वर्ष कैरिबियन और प्रशांत क्षेत्र में कथित ड्रग तस्करी से जुड़े जहाजों पर 20 से अधिक अमेरिकी सैन्य हमले किए जा चुके हैं। इन कार्रवाइयों में करीब 90 लोगों की मौत की खबर है, जिससे मानवाधिकार संगठनों में गंभीर चिंता पैदा हुई है और अमेरिका के भीतर भी इन हमलों की वैधता को लेकर बहस छिड़ गई है।
अमेरिका और वेनेजुएला के संबंध हाल के वर्षों में अपने सबसे अस्थिर दौर में बताए जा रहे हैं। इस बीच, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने मादुरो से फोन पर बातचीत कर दक्षिण अमेरिका में शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। कुल मिलाकर, क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और जटिल हो सकती है।
यह भी पढ़ें:
ट्रंप के ‘सीजफायर’ दावे के बाद थाईलैंड ने कंबोडिया पर की बमबारी
केरल: मुनंबम में NDA की जीत, वक्फ बोर्ड विवाद के केंद्र में रही सीट पर जनता का राजनीतिक संदेश
जेफ्री एपस्टीन की संपत्ति से जारी नई तस्वीरों में नजर आए ट्रंप, बिल क्लिंटन और प्रिंस एंड्रयू



